रतलाम शहर के 350 घरों में बिजली की खेती, 20 साल तक मुफ्त में घर करेगे रोशन

रतलाम। इन्दौर सहित प्रदेश के कुछ नगर,महानगरों की तरफ रतलामवासियों का भी रुझान ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रहा है। जानकारों की माने तो रतलाम में 350 से ज्यादा स्थानों जैसे छत परिसर, पेनल आदि के माध्यम से सूरज की किरणों से बिजली प्राप्त की जा रही है।
इस तरह के सोलर पैनल की मियाद 20 से 25 साल होना बताई जाती है। इसे स्थापित करने में जितनी लागत लगती है, उसकी भरमाई मात्र चार साल में हो जाती है, बाकि के लगभग 20 साल तक उपभोक्ता मुफ्त में बिजली सुविधा का लाभ ले सकता है।
मेरा परिसर मेरी बिजली की भावना के साथ घरों की छतों, परिसरों और पैनल्स पर तैयारी की जा रही बिजली को लेकर मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इन्दौर के लोगों में ज्यादा उत्साह है, वहां पिछले दिनों तक 11 हजार से ज्यादा लोगों ने सूरज से बिजली बनाने का काम शुरु कर दिया था।
प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी इन्दौर से जुड़े अधिकारियों की माने तो रुफ टाँप सोलर नेट मीटर योजना के तहत केन्द्र सरकार प्रति किलो वाँट 18 हजार रुपए अधिकतम 3 वाँट तक और इसके बाद अधिकतम 10 किलों वाँट तक कुल एक लाख 17 हजार रुपए की सब्सिडी देती है। ग्रीन एनर्जी,पर्यावरण संरक्षण और बगैर लागत के उर्जा लेने का ये उचित माध्यम है।
