क्राइम
सभापति का कारनामा: नौकरी दिलाने के नाम पर सामूहिक दुष्कर्म

राजस्थान के सिरोही नगर परिषद के सभापति और पूर्व आयुक्त व इनके साथियों पर एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। एक महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि सभापति और आयुक्त ने इन्हे आंगनवाडिय़ों में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर एक स्थान पर बुलाया और फिर खाने में नशीला पदार्थ मिला कर दुष्कर्म किया है। ये लोग हमे अब ब्लैकमैल भी कर रहे है। हालांकि इस मामले में महेंद्र मेवाडा और महेंद्र चौधरी का कहना है कि मामला फर्जी है।राजस्थान के पाली जिले की रहने वाली एक पीडि़ता का कहना है कि आंगनबाड़ी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर सभी महिलाओं को 2-3 महीने पहले सिरोही बुलाया गया था। वहां पर नगर परिषद के सभापति ने अपने परिचित के मकान में रुकने की व्यवस्था की। खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर देने से सभी महिलाएं बेहोश हो गई थी और बेहोशी की हालत में सभी महिलाओं के साथ शराब के नशे में सामूहिक गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया।
पीडि़ता की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार आरोपियों द्वारा गैंगरेप की घटना कारित करने के दौरान अश्लील वीडियो और फोटो बना लिए। अब अश्लील वीडियो वायरल करने के धमकी देकर 5-5 लाख रुपए मांगे जा रहे हैं।
पीडि़ता का कहना है कि बार बार मिल रही धमकियों से वे परेशान हो गई। ऐसे में अब मुकदमा दर्ज करा कर पुलिस ने न्याय की मांग की है।
इसी मामले में दर्ज एफआईआर में यह भी लिखा है कि होश आने के बाद महिलाओं ने देखा कि घर में महेंद्र मेवाड़ा और महेंद्र चौधरी के साथ उनके कई परिचित भी बैठे थे। सभी के सामने टेबल पर शराब के गिलास और बोतलें रखी हुई थी। अश्लील फोटो और वीडियो बनाने के बारे में भी बताया और यह भी धमकी दी कि मुंह खोला तो इन वीडियोज को वायरल कर देंगे।
