प्रेमी को राखी डोरे का भाई बताया, फिर प्रेमी के साथ मिलकर पति को कुल्हाड़ी से काट डाला

रतलाम
जिले के सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा कर पुलिस ने मृतक की पत्नी और इसके दो साथियों को हिरासत में लिया है। मृतक की पत्नी के अवैध संबधों की जानकारी मिलने के बाद पति नाराज हुआ तो पत्नी ने कुल्हाड़ी मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्यारी पत्नी ने प्रेमी को पहले राखी डोरी का भाई बताया मगर जब पति का शक गहराया तो पत्नी के प्रेमी ने मृतक के पैर पकड़े औक पत्नी ने सो रहे पति पर ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। मृतक मजदूरी कर अपना व पत्नी सहित दो बच्चों का पालन पोषण करता था, मगर पत्नी के अंधे प्रेम ने पूरे परिवार को बिखर दिया।
सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में 32 साल भीमा नामक युवक का शव 2 सितम्बर बुधवार दोपहर में मिला है। युवक का शव गांव के समीप रिगड़ वाले नाले में औंधे मुंहं पड़ा मिला। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। सिर, गर्दन, और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं।
पुलिस ने मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुचकर जब परिजनों से चर्चा की तो मृतक के परिजनों ने बताया था कि 1 सितंबर को मृतक की पत्नी ललिता चरपोटा से भीमा के बारे में पूछा था। ललिता ने बताया कि भीमा दानपुर गया है। रात करीब 9 बजे दोबारा उससे पूछा गया तो कहा कि अभी वापस नहीं आया है।
इसके बाद 2 सितंबर बुधवार दोपहर गांव के सबजी मईडा ने परिजनों को सूचना दी कि भीमा रिगड़ वाले नाले के पास मृत अवस्था में पड़ा है। भीमसिंह उर्फ भीमा का शव इसके घर से 50 मीटर दूर मक्के के खेत के पास बने नाले में मिला है। मृतक अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गया। बड़ी बेटी (15) व बेटा (10) साल का है। मृतक मजदूरी व खेती करता था। मृतक के लापता होने पर इसकी पत्नी ललिता परिजनों के साथ अपने पति को खोजती रही, लेकिन जैसे ही इसकी लाश मिली वह मौके फरार हो गई थी। पुलिस ने मामले में अपराध कायम कर मामले की जांच शुरु की तो पत्नी की भूमिका संदिग्ध लगी और इसकी तलाश कर इसे गराम गुड़भैली से हिरासत में ले लिया गया।
पत्नी ने किए कुल्हाड़ी से वार
पुलिस पूछताछ में आरोपी पत्नी ललिता ने खुलासा किया कि उसके और राकेश के बीच प्रेम संबंध थे। करीब एक महीने पहले पति भीमा को इस बात की भनक लग गई थी। पकड़े जाने के डर से दोनों ने रक्षाबंधन से पहले ही भीमा की हत्या की योजना बना ली थी।
वारदात वाली रात जब भीमा घर में सो रहा था, तब पत्नी ललिता ने कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर दिया। इस दौरान प्रेमी राकेश ने भीमा के पैर पकड़ रखे थे, जबकि तीसरा आरोपी भूरा बाहर निगरानी कर रहा था। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बकरी बांधने वाले कमरे में छुपा दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए फर्श पर फैले खून को गोबर से लीप दिया। रात करीब 11 बजे आरोपियों ने शव को घर से निकालकर पास के नाले में फेंक दिया।
आरोपियों के कब्जे से दो लाख का माल बरामद
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, एएसपी राकेश पेंड्रो, एएसपी विवेक कुमार लाल और एसडीओपी सैलाना नीलम बघेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक के चांदी के कड़े, सोने की बाली, पैर की कडिय़ां, एयरटेल सिम, वारदात के समय पहने कपड़े और आरोपियों के एंड्रॉइड मोबाइल सहित कुल 2 लाख रुपये का मश्रूका जब्त किया है।
इस कत्ल के खुलासे में थाना प्रभारी रावटी उ.पु.अ. सुरेंद्र सिंह गाडरियां, निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, उप निरीक्षक जगदीश तोमर, गेंदालाल भूरिया और साइबर टीम की सराहनीय भूमिका रही।
