helth
फर्जी नर्सिग कालेज: परीक्षा नही दे पाए तो आत्महत्या करेगे विद्यार्थी

रतलाम
जिले में हर तरफ चिकित्सा व
शिक्षा के उद्योग शुरु हो गए है। हाल और हालात यह है कि जिनके बाप-दादा कभी अपने घर में ढंग से इंजेक्शन नही लगा पाए वो चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्साविद् बने हुए है। ऐसे में चिकित्सा के क्षेत्र से जुडऩे के लिए पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा आज दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। बुधवार को सैलाना विकासखण्ड के सैलाना कालेज और विनायक नर्सिग कालेज के दर्जनों छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय में धरना देकर बैठे रहे। इनका कहना था कि इन्हे परीक्षा से वंचित किया जा रहा है, अगर प्रशासन ने ध्यान नही दिया तो वे आत्महत्या करने जैसा कदम भी उठा सकते है।
बुधवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन लेकर नारेबाजी कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना था कि हम सैलाना कॉलेज व श्री विनायक नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी है। हमें कॉलेज प्रशासन द्वारा परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। कारण यह है कि हमारा एडमिशन छात्रवृत्ति बेस पर एडमिशन किया गया था, परंतु एडमिशन होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एग्जाम दिलाने के लिए इंकार कर दिया। आज हम जब परीक्षा केन्द्र पर पहुंचे परंतु कॉलेज के प्रोफेसर जितेन्द्र दास बैरागी द्वारा साफ इंकार कर दिया कि हम इन बच्चों को जानते ही नहीं है इनसे हमें कोई मतलब नहीं है एवं जब व डायरेक्टर सुरेन्द्र गोस्वामी को कॉल किया गया तो उन्होंने हमारा कॉल रिसिव नहीं किया एवं जिस कॉलेज में हमारा एडमिशन हुआ उस कॉलेज से हमारा एडमिशन हटा कर दूसरे कॉलेज में एडमिशन किया गया जिसकी जानकारी छात्रों को नहीं दी गई और हमारे सारे डॉक्युमेंट कॉलेज वालों ने रख लिए तो कृपया करके महोदय हमें एग्जाम दिलवाई जाए एवं हमारे सारे दस्तावेज हमें दिलाए व कॉलेज की जांच करवायी जाए। तथा इस कॉलेज की मान्यता भी रद्द की जावे।
उन्होने यह भी बताया कि यह कॉलेज कई सूत्रों से फर्जी में चल रहा है और सारे छात्र मानसिक रुप से प्रताडि़त हुए है और इसमें से कोई भी छात्र आत्महत्या जैसी घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन रहेंगा और काफी सारे बच्चों के एग्जाम फार्म डाले गए परंतु प्रवेश पत्र दिया ही नहीं गया।
जिले में हर तरफ चिकित्सा व
शिक्षा के उद्योग शुरु हो गए है। हाल और हालात यह है कि जिनके बाप-दादा कभी अपने घर में ढंग से इंजेक्शन नही लगा पाए वो चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्साविद् बने हुए है। ऐसे में चिकित्सा के क्षेत्र से जुडऩे के लिए पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा आज दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। बुधवार को सैलाना विकासखण्ड के सैलाना कालेज और विनायक नर्सिग कालेज के दर्जनों छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय में धरना देकर बैठे रहे। इनका कहना था कि इन्हे परीक्षा से वंचित किया जा रहा है, अगर प्रशासन ने ध्यान नही दिया तो वे आत्महत्या करने जैसा कदम भी उठा सकते है।बुधवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन लेकर नारेबाजी कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना था कि हम सैलाना कॉलेज व श्री विनायक नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी है। हमें कॉलेज प्रशासन द्वारा परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। कारण यह है कि हमारा एडमिशन छात्रवृत्ति बेस पर एडमिशन किया गया था, परंतु एडमिशन होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एग्जाम दिलाने के लिए इंकार कर दिया। आज हम जब परीक्षा केन्द्र पर पहुंचे परंतु कॉलेज के प्रोफेसर जितेन्द्र दास बैरागी द्वारा साफ इंकार कर दिया कि हम इन बच्चों को जानते ही नहीं है इनसे हमें कोई मतलब नहीं है एवं जब व डायरेक्टर सुरेन्द्र गोस्वामी को कॉल किया गया तो उन्होंने हमारा कॉल रिसिव नहीं किया एवं जिस कॉलेज में हमारा एडमिशन हुआ उस कॉलेज से हमारा एडमिशन हटा कर दूसरे कॉलेज में एडमिशन किया गया जिसकी जानकारी छात्रों को नहीं दी गई और हमारे सारे डॉक्युमेंट कॉलेज वालों ने रख लिए तो कृपया करके महोदय हमें एग्जाम दिलवाई जाए एवं हमारे सारे दस्तावेज हमें दिलाए व कॉलेज की जांच करवायी जाए। तथा इस कॉलेज की मान्यता भी रद्द की जावे।
उन्होने यह भी बताया कि यह कॉलेज कई सूत्रों से फर्जी में चल रहा है और सारे छात्र मानसिक रुप से प्रताडि़त हुए है और इसमें से कोई भी छात्र आत्महत्या जैसी घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन रहेंगा और काफी सारे बच्चों के एग्जाम फार्म डाले गए परंतु प्रवेश पत्र दिया ही नहीं गया।
