शर्मनाक: मेट्रन और नर्सेस को जिंदा लाश समझता है रतलाम का सिविल सर्जन

रतलाम
अवैध वसूली के लिए ख्यात जिला अस्पताल का सिविल सर्जन एमएस सागर अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ बदतमीजी से पेश आता है। यह रिश्वत समय पर नही मिलने के कारण इतना बौखला जाता है कि स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करने पर ऊतारु हो जाता है। गुरुवार को नर्सिग आफिसर एसोसिएशन ने सीएमएचओं डाँ. संध्या बेलसरे को ज्ञापन देकर सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
हर काम के ऊंचे दाम, कमीशन और रिश्वतखौरी के मामले में समूचे जिले में चर्चित सिविल सर्जन एमएस सागर से विगत दो सालों से अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी-कर्मचारी परेशान है। कलेक्टर, स्वास्थ्य आयुक्त सहित अन्य आला अधिकारियों से अपने दोस्ताना संबध बताकर सिविल सर्जन स्टाफ को चमकाता और धमकाता आया है। इसकी इसी कार्यप्रणाली के चलते विगत माह इसके साथ अस्पताल परिसर में ही मारपीट भी हुई थी।
सिविल सर्जन की इसी कार्यप्रणाली के चलते इसने वरिष्ठ मेट्रन उर्मिला मसीह के साथ ही बदतमीजी करते हुए उनसे रिश्वतखौरी की मांग की थी और जब मसीह ने इनकी अवैध मांग को पूरा नही किया तो उन्हे भी सिविल सर्जन से मानसिक रुप से प्रताडि़त करना शुरु कर दिया। एमएस सागर की इसी प्रताडऩा से तंग आकर मसीह ने नर्सिग आफिसर एसोसिएशन के बैनर तले गुरुवार को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में बताया गया है कि सिविल सर्जन एम.एस. सागर द्वारा आए दिन बगैर किसी कारण के बेवजह परेशान किया जाता है और यह सिलसिला विगत 2 वर्षों से चल रहा है कई बार सार्वजनिक बैठकों में भी नर्सिंग ऑफिसर से अभद्र व्यवहार व अनुचित टिप्पणीयां की जाती है। किसी नर्सिंग ऑफिसर द्वारा विरोध करने पर उन्हें कहा जाता है कि तुम नर्स हो तुम्हे कहना नहीं सहना होगा और यदि आप में से किसी ने भी मुझसे कुछ पुछा तो मैं आप सबकी सी आर खराब कर दूंगा और नौकरी करना भूला दूंगा।
मेरा कुछ नही बिगाड़ पाओगें
नर्सिग स्टाँफ ने बताया कि एमएस सागर हमे धमकी देता है कि आप लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते आप की कोई वेल्यू नहीं है पहले भी बहुत से अधिकारियों की सीआर मैं खराब कर चूका हूं और वो भी मेरे नाम से खौफ खाते है।
ज्ञापन में मसीह के पत्र का हवाला देकर सीएमएचओं को अवगत कराया गया है कि उर्मिला मसीह वह जिला अस्पताल रतलाम में मेट्रन के पद पर विगत् 10 वर्षों से कार्यरत है। विगत दो सालों से सिविल सर्जन डॉ. एम.एस. सागर इन्हे मानसिक प्रताडि़त करता आ रहा है। सागर आए दिन अभद्र व्यवहार कर अपशब्दों का प्रयोग करता है जैसा कि 1. जिंदा लाश आ गई है. 2. मूर्तिया बैठी है, 3. तुम्हारा तो काम सिर्फ लेटबाथ देखने के योग्य है इसके अतिरिक्त और भी कई ऐसे अपशब्दों का प्रयोग इनके द्वारा किया जाता है जिसका मैं इस पत्र में उल्लेख नहीं किया जा सकता है।
मेट्रन के अनुसार सिविल सर्जन का मुख्य उद्देश्य मुझसे मेरे नर्सिंग स्टाफ पैसो की डिमाण्ड पूरी करवाना होती है जैसे किसी भी नर्सिंग स्टाफ को अवकाश प्राप्त करने के लिए पैसे देने पर ही अवकाश स्वीकृत किया जाता है अन्यथा वेतन रोक दिया जाता है। गंभीर परिस्थिति में अवकाश पर जाने से उन्हें नोटिस दिया जाता है। स्थानान्तरण होने पर भी रिलिव करने हेतु भी डिमाण्ड की जाती है विगत् 42 वर्षों के मेरे सेवाकाल में मैंने अपनी सेवाएं पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से दी है। परन्तु विगत् 02 वर्षों में पहली बार किसी सिविल सर्जन द्वारा इतना प्रताडि़त किया जा रहा है। इस कारण अत्यधिक तनाव होने पर मेरे स्टाफ द्वारा उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज रतलाम में भर्ती करवाया गया। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है क्योंकि हार्ट पेसेंट एवं हाई ब्लडप्रेशर की मरीज भी हूं और वर्तमान में भर्ती हूं।
