अब वृद्वजनों को घर बैठे मिलेगा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ


रतलाम
मध्यप्रदेश के आधा दर्जन शहरों में रहने वाले बुजुर्गो को अब स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ घर बैठे मिलेगा। इस संबध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक ने आज जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए है।
मिशन संचालक डाँ.सलोनी सिडाना द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल एवं रीवा के शहरी क्षेत्रों में इस नवीन पहल के अंतर्गत ऐसे वृद्धजन जो किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण स्वास्थ्य संस्थान आने में असमर्थ हैं, को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर द्वारा गृह आधारित समग्र स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करने की योजना है। इसके अंतर्गत निम्न गतिविधियाँ संचालित एवं क्रियान्वित की जायेंगी।
इस कार्यक्रम के अनुसार शहरी क्षेत्रों के क्रियाशील स्वास्थ्य संस्थाओं के माध्यम से होम-बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डरली मॉडल क्रियान्वित किया जाना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धजन आबादी (60 या अधिक वर्ष आयु) को उपलब्ध एवं उच्च गुणवत्ता आधारित समग्र स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
1. गृह आधारित वृद्धजन सर्वे –
यह सर्वे फॉर्मेट (संलग्न) शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले केवल 60 या अधिक वर्ष के वृद्ध व्यक्तियों के लिए है। यह फॉर्मेट आशा द्वारा घर-घर भ्रमण के दौरान भरा जाना है। सर्वे के दौरान यदि जाँच वाले फॉर्मेट के प्रति संवेदनशील क्षेत्र में सेवाएँ संचालित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर द्वारा प्रदान की जानी हों (जहाँ शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर नहीं हैं, उस स्थिति में यह फॉर्मेट संबंधित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के नर्सिंग ऑफिसर को प्रदान किया जाएगा)।सर्वे में प्रत्येक 60 या अधिक वर्ष के वृद्धजन के नाम, मोबाइल नम्बर, निवास का पता, लिंग / वैवाहिक स्थिति आदि की जानकारी भरी जायेगी। जिला स्तर पर वृद्धजन हेतु बजट समस्त जिला राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध है। नोडल अधिकारी तथा सहायक कार्यक्रम प्रबंधक शहरी स्वास्थ्य द्वारा गृह आधारित केयर फॉर्मेट की गुणवत्ता एवं आशाओं के वितरण हेतु सहायक कार्यक्रम प्रबंधक – शहरी स्वास्थ्य पुन: जिम्मेदार होंगे।
प्रारंभिक स्क्रीनिंग एवं रिस्पॉन्स
शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर के द्वारा उपलब्ध कराये गये चिन्हित समस्त वृद्धजनों को गृह भ्रमण कर प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जायेगी। नर्सिंग ऑफिसर के द्वारा प्रारंभिक स्क्रीनिंग के दौरान होम-बेस्ड देखभाल किट का उपयोग करते हुए वृद्धजनों की सेवाएँ प्रदान की जायेंगी एवं एप्लिकेशन अंतर्गत प्रारंभिक स्क्रीनिंग में आवश्यक फॉर्मेट जानकारी दर्ज की जायेगी
एप्लिकेशन में उक्त जानकारी दर्ज करने के पश्चात जोखिम के आधार पर वृद्धजन को श्रेणी (लो/मध्यम/गंभीर) में वर्गीकृत कर प्रदर्शित किया जायेगा। इसी के क्रम में संबंधित वृद्धजन की फॉलो-अप विजिट की तिथि निर्धारित होगी।
एप्लिकेशन में प्रारंभिक स्क्रीनिंग जानकारी के आधार पर वर्गीकृत जोखिम श्रेणी को नर्सिंग ऑफिसर के द्वारा चिकित्सक आकलन अथवा आवश्यकता अनुसार संशोधित परिवर्तित किया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के आधार से चिन्हित वृद्धजनों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाना अनिवार्य है, जिसके पश्चात फॉलो-अप विजिट हेतु एप्लिकेशन के नोटिफिकेशन प्रदर्शित किये जायेंगे। गृह भ्रमण के दौरान नर्सिंग ऑफिसर के द्वारा होम-बेस्ड देखभाल किट का उपयोग करना अनिवार्य है। इस व्यवस्था के लिए एएनएचओं ने जिलों के सीएमएचओं को पर्याप्त राशि भी आवंटित की है।
