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स्वच्छता के सांतवे आसमान पर इन्दौर:अवैधानिक ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर याचिका दायर, कलेक्टर को नोटिस

हजारो लोगो का जीवन दुखदायी बनाया..

अवैधानिक ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर दायर याचिका में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, कलेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी

इन्दौर। नगर पालिका राऊ के क्षेत्राधिकार में स्थित मुक्तिधाम के पास बनाए गए अवैधानिक ट्रेचिंग ग्राउण्ड के सम्बन्ध में संस्कृति रॉयल पार्क के रहवासी एडवोकेट अमित कुमार पांचाल व्दारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बैंच भोपाल के समक्ष के विरुध्द प्रस्तुत याचिका पर माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बैंच व्दारा दिनांक 15,02,2024 को आदेश पारित करते हुए कलेक्टर इन्दौर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय और मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद राऊ को नोटिस जारी किए जाने के आदेश दिए गए हैं। माननीय ट्रिब्यूनल व्दारा पारित आदेश अनुसार इन्दौर को भारत के स्वच्छ शहरों में प्रथम स्थान प्राप्त है और उसके व्दारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट रूल्स का पालन किया है लेकिन यह आश्चर्यजनक है कि इस शहर में सॉलिड वेस्ट को खुलेआम संस्कृति रॉयल पार्क कालोनी के पास एबी रोड़ राऊ पर ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर फैंका जा रहा है। आदेश में जिला कलेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक-एक प्रतिनिधि को वास्तविक और इस सम्बन्ध में की गई कार्यवाही की रिपोर्ट छह सप्ताह के भीतर ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले में समन्वय और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रेल को होगी और इसके पूर्व सभी सम्बन्धितों को अपना जवाब मय दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
याचिकाकर्ता व्दारा माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बैंच भोपाल के समक्ष प्रस्तुत याचिका में बताया गया है कि वह जिस कॉलोनी संस्कृति रॉयल पार्क में निवास करता है, वहां कई परिवार निवास करते हैं। इस कालोनी की पूर्व दिशा में आगरा-मुम्बई मार्ग है, जिससे होकर ही मुम्बई,पीथमपुर आदि शहरों से इन्दौर शहर में प्रवेश किया जाता है, इस कालोनी के पश्चिम दिशा में साईं संस्कृति कॉलोनी है, उत्तर दिशा में अन्य कालोनी हैं और दक्षिण दिशा में- नगर पालिका राऊ व्दारा अवैधानिक रुप से संचालित ट्रेन्चिंग ग्राउण्ड और इसके समीप ही राऊ का प्रमुख मुक्तिधाम है। याचिकाकर्ता माह जून 2023 में अपने परिजनों के साथ निवास करने के लिए एबी रोड़ राऊ इन्दौर स्थित उपरोक्त संस्कृति रॉयल पार्क कालोनी में निवास करने के लिए आया है और वहीं निवास कर रहा है। जिस समय याचिकाकर्ता इस कालोनी में निवास करने के लिए अपने परिजनों के साथ आया , उस समय उसे बेहद ही खतरनाक दुर्गंध से रुबरु होना पड़ा, जब याचिकाकर्ता व्दारा उक्त दुर्गंध का कारण पता किया तो उसे बताया गया कि नगर पालिका राऊ व्दारा उक्त कॉलोनी की दक्षिण दिशा की दीवार से ही लगकर कई टन खतरनाक और जानलेवा कचरा, जिसमें प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ठ आदि ( जिसे सम्पूर्ण नगर पालिका परिषद क्षेत्र राऊ से लाया जाता है) इकट्ठा किया गया है और इसके निपटान का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इस ट्रेंचिंग ग्राउण्ड के कचरे की अधिकता होने पर नगर पालिका के कर्मचारियों व्दारा कालोनी की दीवार को ही तोड़ दिया गया, जिससे उक्त कचरा कालोनी की सीमा में भी इकट्ठा हो जाता है। इस ट्रेचिंग ग्राउण्ड की खतरनाक और जानलेवा दुर्गंध का सामना न सिर्फ उक्त कालोनी के रहवासी कर रहे हैं बल्कि उक्त अवैधानिक और नियम विरुध्द संचालित ट्रेन्चिंग ग्राउण्ड के पास और एबी रोड़ मुख्य मार्ग व आसपास के रहवासी भी कर रहे हैं। उक्त अवैधानिक और नियमविरुध्द संचालित ट्रेन्चिंग ग्राउण्ड के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही व्यथित रहवासियों व्दारा न किए जाने के सम्बन्ध में जानकारी लिए जाने पर याचिकाकर्ता को जानकारी हुई कि इस सम्बन्ध में कई बार रहवासियों व्दारा सीएम हेल्पलाइन आदि फोरम पर शिकायतें की गई लेकिन इन शिकायतों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही मुख्य नगर पालिका अधिकारी राऊ, जिला कलेक्टर अथवा अन्य किसी भी प्रशासनिक अधिकारी व्दारा नहीं की गई। इसके अतिरिक्त भी इस सम्बन्ध में कोई शिकायत किए जाने पर उसे वापस लेने के लिए कई तरह के प्रयास किए जाते और नगर पालिका राऊ के अधिकारी किसी न किसी प्रकार से कालोनीवासियों को परेशान करते- जैसे उनके मकान या अन्य निर्माण चबुतरा आदि तोड़ने के लिए जेसीबी लेकर कालोनी में आ जाना, अन्य किसी कर्मचारी से कॉल कर या व्यक्तिगत रुप से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से दबाव डालना या अन्य किसी भी नियमों के उल्लंघन के आधार पर शिकायत करने वाले को परेशान करना, अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से रहवासी पर पुलिस से मिलकर आपराधिक प्रकरण बनवा देना आदि। उपरोक्त अनुसार बदले की भावना से की जाने वाली कार्यवाही होने पर पीड़ित कालोनीवासी अथवा अन्य व्यक्ति परेशान होकर अपनी शिकायत वापस ले लेता या प्रशासनिक लेटलतीफी और षडयंत्रों से परेशान होकर थक-हारकर चुप हो जाता। सम्पूर्ण देश में स्वच्छता में नम्बर एक पर आने वाले इन्दौर नगर पालिक निगम निगम की सीमा से कुछ ही दूरी पर इस अवैधानिक और नियमविरुध्द संचालित ट्रेन्चिंग ग्राउण्ड के सम्बन्ध में सर्वप्रथम याचिकाकर्ता के पुत्र देव पांचाल व्दारा म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय इन्दौर के विरुध्द सीएम हेल्पलाइन पर 08.07.2023 को शिकायत क्रमांक 23093389 और इसके पश्चात याचिकाकर्ता व्दारा 09.07.2023 को शिकायत क्रमांक 23105730 की गई । उक्त शिकायत पर म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, इन्दौर व्दारा नगर पालिका राऊ को निराकरण हेतु निर्देशित कर उन्हें उक्त शिकायत अंतरित कर दी गई, जिनके व्दारा भी आज दिनांक तक उक्त शिकायत का निराकरण नहीं किया गया और उक्त शिकायतें एल-4 अधिकारी के यहां लम्बित है। याचिकाकर्ता व्दारा म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को उनके मोबाइल नम्बर 9827210458 पर दिनांक 22.07.2023 को मय फोटो व वीडियो के शिकायत की गई लेकिन उनके व्दारा उक्त ट्रेचिंग ग्राउण्ड को हटाने अथवा Environment Law के अंतर्गत कोई प्रकरण नगर पालिका परिषद राऊ के विरुध्द सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। वास्तविकता अनुसार नगर पालिका राऊ व्दारा किए जा रहे उक्त अवैधानिक कृत्य को म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का संरक्षण प्राप्त है क्यूंकि इतने वर्षो से आज दिनांक तक उक्त अवैधानिक कार्य के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी अथवा अन्य सक्षम अधिकारी के विरुध्द पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, वायु (प्रदूषण रोकथाम व नियंत्रण अधिनियम 1981 व अन्य प्रभावशील अधिनियमों के अंतर्गत दण्डनीय कार्यवाही नहीं की गई और मात्र पत्राचार कर अपने वैधानिक कर्तव्य का पालन नहीं किया गया। म.प्र.प्रदूषण बोर्ड की इस लापरवाही और प्रशासनिक मिलीभगत के कारण ही उक्त कचरे का पहाड़ उक्त क्षेत्र में तैयार हो चुका है, जिससे क्षेत्र के रहवासी और राहगीर नारकीय जीवन भोगने के लिए मजबूर हो चुके हैं। इस अवैधानिक कार्य को जिला कलेक्टर इन्दौर व्दारा भी संश्रय दिया जाता है क्योंकि उपरोक्त अनुसार गम्भीर अवैधानिक गतिविधियों की सूचना जिला कलेक्टर को न हो, यह सम्भव ही नहीं है। इनके व्दारा जानबूझकर उक्त अवैधानिक कृत्य को संरक्षण दिया जा रहा और आमजनों को नारकीय जीवन भोगने पर मजबूर किया जा रहा है। उपरोक्त जानकारी जिला कलेक्टर को होने या न होने के सम्बन्ध में आवेदक व्दारा दिनांक 10.07.2023 को लोक सूचना अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय इन्दौर को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(1) के तहत आवेदन पत्र प्रेषित कर उक्त ट्रेचिंग ग्राउण्ड के सम्बन्ध में जानकारी चाही गई लेकिन आज दिनांक तक याचिकाकर्ता को जानकारी नहीं दी गई और न ही उसकी अपील पर सुनवाई की गई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राऊ, जिला कलेक्टर इन्दौर, म.प्र.प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी एकमत होकर पर्यावरणीय कानूनों, इस सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालयों और माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व्दारा पारित आदेशों-निर्देशों का मखौल उड़ा कर जानबूझकर उनकी अवमानना-अवहेलना रहे हैं। एक और जहां इन्दौर शहर देश के स्वच्छ शहरों के सूची के क्रमांक एक पर आकर अन्य शहरों को सफाई का संदेश देना बताया जाता है वहीं उसी इन्दौर शहर नगर पालिक निगम की सीमा से कुछ ही दूरी पर स्थित यह ट्रेचिंग ग्राउण्ड शहर इन्दौर की उस साख को धूमिल कर रहा है। उक्त अवैधानिक ट्रेचिंग ग्राउण्ड की वजह से हो रहे मच्छर, मक्खियाँ आदि जीव-जन्तुओं के कारण उक्त क्षेत्र के रहवासियों को गम्भीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त भी इस क्षेत्र के पशु-पक्षियों व अन्य जीवों के जीवन और पर्यावरण पर भी इस ट्रेचिंग ग्राउण्ड की वजह से खतरा उत्पन्न हो रहा है। इस ट्रेंचिंग ग्राउण्ड से उठने वाली जहरीली दुर्गंध की वजह से प्रतिदिन इसके आसपास के इलाके के रहवासी क्षेत्रों, मुम्बई-आगरा मार्ग से निकलने वाले हजारों राहगीरों को सांस लेने में परेशानी का सामना कर पड़ रहा है। नगर पालिका राऊ व्दारा अवैधानिक रुप से बनाए गए इस ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर सैंकड़ों आवारा डॉग्स ने अपने स्थायी निवास बना लिया है, जो इस ट्रेंचिंग ग्राउण्ड में डाले गए कचरा, अपशिष्ठ, मृत जीव-जन्तुओं के अवशेषों को उलट-पलट कर निकालकर खाकर अथवा अन्य प्रकार से पूरे क्षेत्र में फैलाते हैं और इसी ट्रेचिंग ग्राउण्ड से होकर वे आसपास के रहवासी क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को अपना शिकार भी बनाते हैं। नगर पालिका राऊ व्दारा स्थापित इस ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर बारिश के समय पानी गिरने से यह गंदा और जहरीला पानी भू-तल में पहुंचकर यहां के प्राचीन जल स्त्रोंतों को दूषित कर चुका है और आसपास के क्षेत्रों के बोरवेल का पानी दूषित हो चुका है। इस ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पर बारिश के दौरान पानी गिरने से वह पानी खतरनाक कचरे से होकर कालोनी की दीवार के नीचे होकर कालोनी में रिसकर आता है और वहां इकट्ठा होकर इसमें जहरीले जीव-जन्तु पनपते हैं और क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं। इसी ट्रेचिंग ग्राउण्ड से निकला कचरा पास ही के मुक्तिधाम के पास स्थित नाले में जाकर उसे पूरी तरह से खराब कर चुका है और इस नाले के सहारे यह कचरा क्षेत्र की अन्य जगहों पर जाकर इकट्ठा हो रहा है। यह इस क्षेत्र से निकलने वाले नाले पूर्ण रुप से प्रदूषित हो चुके हैं जो निकलकर अन्य जल स्त्रोतों में मिलकर इन्दौर शहर और आसपास के जल स्त्रोंतों को प्रदूषित कर चुके है। इस अवैधानिक ट्रेंचिंग ग्राउण्ड के समीप राऊ का एकमात्र मुक्तिधाम है,जहां से मृत शरीर की आत्मा अपनी आगामी यात्रा के लिए प्रस्थान करती है और उक्त मृत शरीर और उसकी आत्मा को भी इस ट्रेंचिंग ग्राउण्ड की दुर्गंध के साथ अपनी आगामी यात्रा शुरु की जाना होती है क्यूंकि अनावेदकगणों व्दारा अपने कर्तव्य की पूर्ति में जानबूझकर, षडयंत्रपूर्वक एकमत होकर अनदेखी की जा रही है। इस प्रकार जहां एक और जीवित व्यक्ति का जीवन अनावेदकगणों व्दारा दूभर कर दिया गया है वहीं मृत व्यक्ति की अंतिम यात्रा को भी इनके व्दारा दुःखदायी बना दिया गया है। इस प्रकार प्रशासनिक अधिकारियों व्दारा सार्वजनिक रुप से दादागिरी कर उपरोक्त अनुसार अवैधानिक कार्य किए जाने का कारनामा लोकतंत्र और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत होकर निंदनीय और दण्डनीय है।

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