साहेब . . . भांजगड़ा के 2.50 लाख दिला दो

रतलाम। जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में जातिप्रथा के तहत होने वाले भांजगढ़े की परम्परा अब विवादों में गिरती जा रही है और मामले जिला और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों तक पहुचने लगे है। हाल ही में सैलाना तहसील के पीपलीपाड़ा क्षेत्र का एक मामला कलेक्टर और एसपी कार्यालय तक पहुचा है। जिसमें एक फरियादी को भांजगड़े में तय राशि नही मिलने की शिकायत की गई है।
सूत्रों के अनुसार पीपलीपाड़ा सैलाना निवासी मानिया पिता नाकला चारेल ने शिकायत दर्ज कराई है कि इनकी पुत्री बाबू पिता डोडियार के लडक़े के साथ चली गई थी।
युवक और युवती के भाग जाने के बाद रमेश और मानिया के बीच विवाद बड़े तो ग्राम पंचायत बैठाई गई और आपसी राजीनामे के तहत 3 लाख 10 हजार की रकम तय हुई। इस रकम के तहत 50 हजार रुपए बाबू ने मानिया को दिए और शेष राशि के लिए इकरारनामा तैयार कराया गया।
इधर जब शेष राशि 2.50000 रुपए देने की बारी आई तो बाबू आनाकानी करने लगा। बाबू की इस हरकत के बाद मानिया ने संबधित थाने में शिकायत दर्ज कराई मगर वहां से कोई कार्रवाई होना ही नही थी, क्यूकि ये आपसी राजनीमे का मामला था।
राजनीमा के तहत तय राशि नही मिलने की शिकायत अब रतलाम कलेक्टर और एसपी को की गई है। जिसमें बाबू से शेष राशि दिलाने और वादा तोडऩे पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
