क्राइम

तीन बुजुर्ग माताओं की फूट पड़ी रुलाई, बेटे-बहूएं और पोते-पोतियां करते है संपत्ति के लिए पिटाई

रतलाम
अपने और अपने परिवार के लिए जीवन भर पसीने की कमाई जोड़ कर अर्जित की गई संपत्ति अब इन्ही के लिए परेशानी का कारण बन रही है। आज जनसुनवाई के दौरान ऐसे ही अलग-अलग तीन मामलों में बुजुर्ग महिलाओं ने अपनी दास्तान अफसरों को बताई तो इन सभी को न्याय का भरोसा दिलाया जाकर इनकी शिकायते संबधित विभागों को भेजी गई है। आज जनसुनवाई के दौरान लगभग 82 आवेदन पहुचे थे।
ग्राम नांदलेटा तहसील पिपलौदा निवासी 80 वर्षीय गीताबाई ने अपनी व्यथा बताई है कि वह गत 18 मई को अपने आभूषण लेने के लिए अपने पुत्र ओमप्रकाश के घर गई थी, जहां बहू जमना बाई और प्रेमलता ने इसके साथ मारपीट की और घर से भगा दिया था।
गीताबाई के अनुसार इनके पति के निधन के बाद ग्राम नांदलेटा में इनके हिस्से में 5-6 बीघा जमीन आई थी, जिसे मेरे पुत्र ओमप्रकाश ने धोखे से अपने नाम करवा लिया है। इस मामले की शिकायत भी थाने में की गई है।
गीतादेवी ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई कर मेरे हिस्से की जमीन मुझे दिलाई जाए।
मकान नही बेचने देते लडक़े
शहर के धीरजशाह नगर निवासी उमादेवी ने बताया कि मैने किसी समय रुपयों की जरुरत के चलते अपने मकान की असल रजिस्ट्री गिरवी रखी थी। इसके बदले में मुझे हर माह ब्याज भी भरना होता है। मै अपने इस मकान को बेच कर कर्ज उतारना चाहती हू, मगर मेरे बेटे यशवंत, रुपेश हेमन्त पिता स्व.महेन्द्र मोठिया मकान नही बेचने दे रहे है। यह तीनों बच्चे मकान बेचने की एवज में 15 लाख, 5 लाख और 1 लाख रुपए की मांग कर रहे है।
वृद्वा का कहना है कि मै मकान के लिए किसी दलाल से बात करती हू, तो बेटे दलाल को भी भगा देते है। बेटे धमकी देते है कि अगर मैने मकान बेचा तो ये परिवार सहित आत्महत्या कर लेगे। वृद्वा ने मामले का निराकरण करने की मांग की है।
करोड़ों की संपत्ति डकार गए बेटे-बहू
92 साल की रतनबाई पति स्व.बद्रीलाल पाटीदार निवासी 70 धानमंडी हालमुकाम उंकाला रोड़ ने अपने बेटे नरेन्द्र, नारायण और बहू पुष्पा व ललिता पाटीदार पर करोड़ों रुपए की संपत्ति में हेरफेर करने का आरोप लगा कर शिकायत दर्ज कराई है।
रतनबाई ने अफसरों को बताया कि उनके 20 लाख रुपए की सोने के आभूषण भी थे। ये भी उसके दोनों बेटों ने रख लिए। न तो सम्पत्ति से न ही आभूषणों से उसे कोई राशि दी गई। इसी के साथ ही मेरी देखभाल भी बंद कर दी है। बहू बेटों ने बेटों ने सारी सम्पत्ति छीन ली, लेकिन खाने-पीने का इंतजाम या देखरेख नहीं करते हैं। मजबूरी में वह अपने पोते आशीष पाटीदार के साथ रह रही हैं, लेकिन वहां भी रुपये नहीं होने से इलाज और अन्य सभी बातों की दिक्कत है। महिला ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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