चांदी के भाव बढ़ते ही चलने लगे लात घूंसे और लट्ठ

रतलाम
जिले से जुड़े ग्राम रलायता में एक व्यक्ति ने अपने बेटे की शादी के लिए अपने परिचित से 60 हजार रुपए मांगे तो परिचित ने अपने घर में रखी चांदी की रकमें बेच कर 60 हजार रुपए दे दिए। करीब दो साल बाद लेनदार ने अपना कर्ज चुकाते हुए 60 हजार रुपए भी दे दिए , मगर रुपए देने वाला अब बोलता है कि चांदी के भाव बढ़ गए है, मुझे और रुपए चाहिए। इस बात पर पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद बीते दिनों बड़ा रुप लेने लगा लेनदार व देनदार के बीच जमकर लात घूंसे और लाठियों से घमासान हुआ। पुलिस शिकायत के बाद मामला दर्ज कर रही है.
ग्राम रलायता रहने वाले फरियादी के अनुसार लगभग चार पांच साल पहले मैने मेरे लडक़े विनोद की शादी की थी उसमे मुझे रुपयो की आवश्यकता होने से मैने गांव के शंकर सिहं पिता हेमराज सिंह से बोला की मुझे रुपये की आवश्यकता है इस पर शंकर सिहं ने बोला की मेरे पास चांदी के कढ़े है जिन्हे बेचकर मै तुम्हे रुपए दे सकता हू। फिर इन दोनो ने आलोट की दुकान पर यह कढ़े साठ हजार रुपए में बेच दिए थे।
इधर दो साल बाद जब फरियादी ने शंकर सिंह को उधारी के 60,000 रुपये वापस दिए तो शंकर सिहं बोलता है कि चांदी के भाव बढ गये है मुझे और पेसे चाहिए। इसी बात को लेकर शंकर सिहं आये दिन विवाद कर रहा है । बीते दिनों फरियादी घर से रिश्तेदारी मे बाहर जा रहा था तभी शंकर सिहं उसके घर के सामने मिला और उधारी के रुपये की बात को लेकर लकड़ी लेकर मारपीट करने लगा। इस लाठीबाजी से फरियादी घायल हुआ और इसका मोबाईल भी टूट गया। यहां विवाद का हल्ला सुनकर कुछ ग्रामीण आए और फरियादी को बचा कर ले गए। मामले में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
उधर ग्राम अमरगढ़ में एक व्यक्ति का मकान बन रहा है और इसके लिए मटेरियल लाने के लिए इसने अपने बड़े भाई मुकेश को एक लाख रुपए दिए थे, मगर भाई की नियत में खोट आ गई और उसने सामान की खरीदारी नही करते हुए रुपए अपने पास ही रख लिए है। जब छोटे भाई ने सामान और रुपए की बात पूछी तो उसने फरियादी को मारपीट कर घायल कर दिया।
