प्रशासन के लिए चुनौती बने श्रीगणेश: कहां करोगे प्रतिमाओं का विसर्जन ??

रतलाम
शहर में दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुवात बीते सोमवार से हो चुकी है और लाखों श्रीगणेश प्रतिमाओं की स्थान जगह जगह की गई है। हर साल भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं को सम्मान पूर्वक विसर्जन किया जाता है। मगर इस साल इस विसर्जन व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार इधर-उधर झांकते हुए सही जवाब देने की स्थिति में नही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस वर्ष गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जिले के बाहर के किसी जलाशय या डेम का सहारा लिया जाए?
अल्प वर्षा ने जिले के अन्नदाता किसानों की जान सांसत में डाल रखी है वही इस अल्प वर्षा का असर जगतदाता भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं पर भी होता दिखाई दे रहा है। अल्प वर्षा के चलते बंजली बायपास का जलाशय सूखा पड़ा है, ऐसे में लाखों प्रतिमाओं का विर्सजन कहां होगा? फिलहाल इसका जवाब किसी के पास से आता नजर नही आ रहा है।
गत वर्ष तक नगर निगम के माध्यम से श्रीगणेश प्रतिमाओं का एकत्रीकरण श्रीकालिका मंदिर परिसर (झाली तालाब की पाल) अमृत सागर तालाब और हनुमान ताल परिसर में किया जाता रहा है। यहां से अलग अलग वाहनों में लाखों प्रतिमाओं को बंजली बाँयपास स्थित जलाशय में ले जाया जाकर विसर्जन किया जाता रहा है। मगर इस साल अल्प बरसात के चलते पानी की बेहद कमी बताई जा रही है। वही रतलाम शहर के समीप ऐसा कोई जलाशय नही है, जहां सम्मान पूर्वक प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सकेगा।
मामला चूकि धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए प्रतिमाओं के विसर्जन की जिम्मेदारी निभाने वाला प्रमुख नगर निगम का अमला भी इस मर्तबा हर कदम फूंक फूंक कर रखने की तैयारी कर रहा है, मगर जलाशय में पानी नही होने की जानकारी से इनके माथे पर भी शिकन साफ दिखाई दे रही है।
बहरहाल.. अंनत चतुर्दशी को अभी एक सप्ताह से ज्यादा है और इन दिनों के बीच नगर निगम और जिला प्रशासन श्रीगणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की रणनीति तैयार करेगा ऐसी चर्चा भी जारी है।

