नकली मालिक बन कर 17 लाख में बेच दी चार बीघा जमीन

रतलाम
शहर के कालिका माता क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से कुछ लोग जनपद पंचायत कार्यालय के सामने स्थित चाय की दुकान पर मिले और बोले कि ग्राम खोखरा के निकट एक किसान अपनी चार बीघा जमीन बेच रहा है। अभी जमीन सस्ते में मिल जाएगी। जमीन बेचने वालों ने 17 लाख में सौदा तय किया और जमीन के मालिक और उसके लडक़े से भी खरीदार को मिलवा दिया। लगभग 12 लाख रुपए जमीन खरीदी के दे भी दिए है। मगर जब खरीदार को पता चला कि जो जमीन खरीद रहे है उसका असली वारिश कोई और ही है। इस तरह छल कपट से हुए इस सौदे की शिकायत के बाद थाना स्टेशन रोड़ ने कायमी की है।
मिली जानकारी के अनुसार श्री कालिका माता मंदिर के समीप लक्ष्मी नगर में रहने वाले कमल कुमार पिता मुकेशचन्द्र चक ने शिकायत दर्ज कराई है कि कुछ समय पहले बंटुलाल, कमलेश, रिषभ, लालू मोगिया, जितेन्द्र परमार निवासी खोखरा ने इनके साथ एक जमीन का नकली मालिक प्रस्तुत कर लगभग 12 लाख की धोखाधड़ी की है।
मामले में एसपी को की गई शिकायत अनुसार कमल कुमार चक को कुछ समय पहले बंटूलाल, इसका बेटा रिषभ पुराने कलेक्टोरेट स्थित जनपद पंचायत कार्यालय के सामने स्थित चाय की दुकान पर मिले और बोले कि ग्राम खोखरा में मनीराम परमार अपनी चार बीघा जमीन बेच रहा है और हमे बोला है कि कोई अच्छा ग्राहक हो तो बताना। बंटू और रिषभ ने कहां कि आप पहले खोखरा चल कर जमीन देख लो। मौके पर बोदीना व खोखर के बीच कांकड़ पर मनीराम परमार की जमीन जो कि सर्वे नं. 82/2 रकबा 0.6180 हेक्टर जमीन इन्हे दिखाई भी गई थी। इस दौरान पडोसी तेजूलाल पाटीदार व खेत में काम करने वाले मजदूर भी वही मौजूद थे। बंटुलाल ने मुझ प्रार्थी व मेरे साथ आये बाबुलाल मालवीय को बोला इस जमीन के संबंध में बेचनी संबंधी किसी से चर्चा मत करना नही तो जमीन के भाव ज्यादा बढ़ जायेगे। हम आपको यह जमीन 5 लाख रूपये बीघा से भी कम बीघा के हिसाब से दिलवा सकता हूँ।
इसी दौरान कमलकुमार चक को जमीन के मालिक से मिलाने भी ले जाने लगे तो बंटू और इसके साथी बोले कि जमीन का मालिक किसी जरुरी काम से बाहर गया है, उसे लेकर हम आपकों रतलाम में ही मिलवा देगे साथ ही जमीन के दस्तावेज भी दिखा देगे।
इस चर्चा के दो दिन बाद बंटुलाल दो लोगों को बाप-बेटा बनाकर कमलकुमार चक के सामने लाया जो जमीन के मालिक नही थे और कहा कि यही मनीराम चर्मकार है और यह इसका बेटा मुकेश है तथा यह सौदा रूपये 17,11,000/- (अक्षरी सत्तराह लाख ग्याराह हजार रू.) में हुआ, जिसमे चैक के माध्यम से रूपये 4,60,000/- (अक्षरी चार लाख साठ हजार रू.) दिये जा चुके है तथा शेष राशि रूपये 7,40,000/- (रू. सात लाख चालीस हजार रू.) तीन अलग-अलग किश्तों में दिये गए, इस प्रकार भरोसे एवं विश्वास में रहकर किया गया है, तथा उक्त सौदे की शेष रूपये 5,11,000/- (अक्षरी पाँच लाख ग्याराह हजार रूपये) अनुबंध दिनांक से छह माह की अवधि पश्चात फसल काटकर व नप्ति करवाकर रजिस्ट्री के समय अदा की जाना तथा कब्जा दिया जाना तय किया गया। इस सभी सौदे में गवाह के रूप में बाबुलाल मालवीय मौजूद रहा।
इस चर्चा और सौदे के बाद इसके पश्चात लगभग दो माह बाद कमल चक और बाबुलाल मालवीय ग्राम खोखरा मे गए तब वहाँ गावं के कुछ लोग बैठे हुऐ थे उसमें भूमि का असली मालिक का भतीजा राधेश्याम परमार व अन्य दस लोग उपस्थित थे, वहाँ चर्चा के दौरान कमल व बाबुलाल को पता चला कि इस जमीन को असली मालिक के द्वारा कभी बेचा ही नही गया है। यह सुनते ही कमल कुमार के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्हे पता चला कि इनके साथ धोखा हुआ है।
इधर जब कमल ने बंटू और इसके लडक़े से धोखा होने की बात कही तो इन्होने कहां कि आपकी पूरी रकम हम 20 दिन में लौटा देगे।
इसके पश्चात मुझ प्रार्थी के द्वारा बंटु जो कि उक्त मामले में शुरू से ही था उससे जानकारी ली तो उसने अपने परिवार के सामने कबूल किया कि उसने मुझ प्रार्थी को धोखे में रखकर उक्त जमीन के ऐवज में रूपये 12 लाख की धोखाधडी की है, तथा बंटुलाल व उसका बेटा रिषभ, उसका भाई राजेश व कमलेश के द्वारा कहा गया कि आपका उक्त रकम 20 दिन बाद लोटा देगें, मुझ प्रार्थी को विश्वास नही था कि ये लोग बीस दिन में हमारा पैसा लोटा देगे।
बाबुलाल मालवीय के द्वारा रूपये दिये गए थे इस वजह से बाबुलाल मालवीय ने कहा कि हम रूपये नही रोक सकते तब उन्होने विश्वास दिलाने के लिए बंटुलाल ने दो चैक दिये एक चेक मुझ प्रार्थी कमल कुमार चक के नाम से रूपये 2,10,000/- और दूसरा चैक बाबुलाल मालवीय के नाम से 4,20,000/- का दिया गया और गावं के आबादी के पास की जमीन सर्वे नं. 695/2 जो उनके घर के पीछे थी का बैचान अनुबंध विधिवत मुझ प्रार्थी के हित में दिनांक 14.10.2025 का किया गया, उक्त अनुबंध की अवधि मात्र 20 दिन की थी। बीस दिन के अंदर सारा पैसा लोटा दिया-जावेगा, और नही देने पर रजिस्ट्री करवा दी जावेगी। इसके पश्चात बीस दिन से अधिक का समय बीत चुका है, बंटु, राजेश, कमेशल पिता मोहनलाल सुतार एवं रिषभ पिता बंटु सुतार, लालु पिता नामालूम (जो कि नकली जमीन मालिक मनीराम परमार बनकर आया था) जाति मोगिया, जितेन्द्र (जो कि नकली बेटा मुकेश बना था) पिता दशरथ परमार जाति भील के द्वारा कमल चक के रूपये भी नही दिये जा रहे है और जो अनुबंध किया गया था उसके अनुसार रजिस्ट्री भी नही कर रहे है तथा कमल के द्वारा रूपये मांगने पर कहते है कि तुझसे हो जो कर ले और अगर इस गावं में आये तो तुम दोनों (कमल चक एवं बाबुलाल मालवीय) को जान से मार कर फेंक देगें और तुम्हारा पता भी नही चलेगा।
थाना स्टेशन रोड़ पुलिस ने कमल चक के आवेदन की जांच कर प्रथम दृष्ट्या धौखाधड़ी करने वाले बंटुलाल पिता मोहनलाल सुतार निवासी ग्राम खोखरा, कमलेश पिता मोहनलाल सुतार निवासी ग्राम खोखरा, रिषभ पिता बंटु सुतार निवासी ग्राम खोखरा, लालु मोगिया निवासी ग्राम खोखरा, जितेन्द्र पिता दशरथ परमार भील निवासी ग्राम खोखरा के विरुद्ध अपराध धारा-318(4),319(2) बी.एन.एस. की परिधि का पंजीबद्ध किया गया है। 
