कलेक्टर ने वरिष्ठता को ताक में रखते हुए रेंवड़ी की तरह बाट दिया सीएमएचओं का प्रभार

रतलाम। अब मोह की माया का राज है। अपने फायदे के लिए कभी भी कोई भी जेब गर्म कर के किसी भी कुर्सी पर बैठ जाता है। ऐसा ही मामला अब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की कुर्सी को लेकर सामने आया है। या
एक याचिका
कर्ता के एडवोकेट गौरव पांचाल ने बताया कि मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी जिला रतलाम के पद से डां. प्रभाकर ननावरे के सेवानिवृत्त होने के पश्चात कलेक्टर रतलाम द्वारा दिनांक 31.07.2023 को आदेश जारी करते हुए डां आनंद चंदेलकर को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रतलाम का प्रभार दिया गया जो कि सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला रतलाम द्वारा जारी वरिष्ठता/वरियता सूची के विपरित दिया गया था इसी प्रकार उक्त प्रभार नियमों एवं म.प्र. शासन के दिशा निर्देशों के भी विपरित था। याचिकाकर्ता द्वारा स्वयं की एवं अन्य योग्य चिकित्सकों की वरिष्ठता को अनदेखा करते हुए कलेक्टर रतलाम द्वारा पारित किये गये आदेश से असंतुष्ट होकर एक आवेदन भी दिनांक 13.09.2023 को स्वास्थ्य विभाग के सचिव, आयुक्त स्वास्थ्य संचालनालय एवं कलेक्टर रतलाम को दिया गया था परन्तु याचिकाकर्ता के उक्त अभ्यावेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिस कारण याचिकाकर्ता द्वारा हाईकोर्ट एडवोकेट गौरव पांचाल के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर के समक्ष एक रिट याचिका क्रमांक 25160/2023 प्रस्तुत की गई जिसमें याचिकाकर्ता के एडवोकेट गौरव पांचाल ने हाईकोर्ट के समक्ष बताया कि कलेक्टर रतलाम द्वारा याचिकाकर्ता एवं अन्य चिकित्सकों की वरिष्ठता को अनदेखा करते हुए जो कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम का पद धारण करने की योग्यता रखते है, की वरिष्ठता को अनदेखा करते हुए प्रभार सौंपा गया है जो कि अनुचित हैं। वरिष्ठता सूची के अनुसार प्रभार सौंपे जाने वाले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम का क्रमांक वरिष्ठता सूची में नोवें नम्बर पर उल्लेखित है उनकें उपर वरिष्ठता क्रम याचिकाकर्ता सहित अन्य चिकित्सक भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम का पद धारण करने की योग्यता रखते हैं। इस बाबत याचिकाकर्ता द्वारा एक आवेदन भी स्वास्थ्य विभाग के सचिव, आयुक्त स्वास्थ्य संचालनालय एवं कलेक्टर रतलाम को दिया गया था परन्तु उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही हैं। हाईकोर्ट द्वारा तर्क सुनने के पश्चात याचिकाकर्ता की वरिष्ठता को अनदेखा करने के कारण किए गए आदेश के संबंध में याचिकाकर्ता को नए सिरे से अभ्यावेदन आयुक्त स्वास्थ्य संचालनालय एवं कलेक्टर रतलाम को देने का आदेश पारित किया गया है एवं आयुक्त स्वास्थ्य संचालनालय एवं कलेक्टर रतलाम सक्षम अधिकारी को छह सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन का निराकरण करने का आदेश पारित किया गया हैं।
