तीन दिन ससुराल में रही लूटेरी दुल्हन ने दूल्हे से तीन लाख ठगें

रतलाम
जिले के ग्राम सुखेड़ा में रहने वाले अविवाहित को पश्चिम बंगाल की लडक़ी से शादी कराने का झांसा देकर तीन लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। युवक का कागजी विवाह कराया जाकर वरमाला पहनाई गई और दुल्हन माया तीन दिन ससुराल में रुकी और फिर फरार हो गई। पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामला दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों सुखेड़ा निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि इनकी बहन के लडक़े भरत का विवाह नही हो रहा है। इसके विवाह की बात कुछ लोगों से की थी। इसी संबध में सुखेड़ा निवासी मोहनलाल मोगिया से बात की तो मोहनलाल ने कहां था कि मेरा ससुराल पश्चिम बंगाल तरफ है और वहां की लडक़ी से भरत की शादी करा दूगा, मगर खर्चा तीन लाख रुपए आएगा। इस पर महिला ने हामी भरते हुए दो लाख अस्सी हजार रुपए में शादी कराने की बात तय कर ली थी।
विवाह की बात तय होने लगी तो भरत की बहन पूजा ने तीन बार अलग अलग समय में यह राशि अपनी मासी के खाते में डाले थे। यह राशि फरवरी 2026 को मोहनलाल मोगिया को दी गई। इसके दो दिन बाद ही शिकायतकर्ता गंगाबाई , भरत , दिनेश शर्मा , मोहनलाल मोगिया , मुकेश मोगिया सुखेडा से े जावरा गये जावरा से उज्जैन रेल्वे स्टेशन गये वहाँ पर दस हजार रुपये मोहनलाल मोगिया ने टिकिट के नाम पर लिये थे। ये सभी उज्जैन से ट्रेन से दीनदयाल रेल्वे स्टेशन (मुगलसराय) उत्तरप्रदेश उतरे ।
वहां पहुचने पर मोहनलाल ने उसके परिचित दीपक नाम के व्यक्ति को फोन किया और एक दीपक नाम का व्यक्ति किराये की बोलेरो गाडी लेकर आया और वहाँ से करीब 50-60 किलो मीटर एक मकान हमको ले गये गाड़ी के किराए के नाम पर मोहनलाल ने गंगाबाई से दस हजार रुपये ले लिये ।
वहाँ पर मकान में माला पिता जगदीश प्रसाद यादव निवासी घिवही सोनभद्र उत्तरप्रदेश नाम की लडक़ी से मिलवाया गया। यहां बात पक्की होने पर भरत द्वारा उसकी मांग भरी और गले में वरमाला पहनाई और तथा एक स्टाम्प पेपर पर दोनो ने हस्ताक्षर किये वहाँ पर मोहनलाल ने एक लाख चालीस हजार रुपये दिपक को नगद दिये ।
यूपी में हुई कागजी शादी के बाद सभी दुल्हन माला को लेकर सभी लोग उज्जैन आये और उसके बाद सुखेडा आये सुखेडा और अगले दिन मोहनलाल द्वारा गंगाबाई से बाकी के 78000 रुपये नगद दिये ।
अभी दुल्हन को आए तीन दिन ही हुए थे और दुल्हन माला ने भरत को बताया कि इसके भाई का एक्सीडेंट का मामला है बयान देकर मैं मायके से वापस आ जाउंगी।
जब भरत ने यह बात शादी कराने वाले दलाल मोहनलाल को भी बताई थी तो उसने बोला कि जाने दो वापस आ जायेंगी। भरत ने मोहनलाल की बात मानते हुए दुल्हन को भोपाल ले गया और यहां टिकिट लेने का बहना बनाकर दुल्हन माला फरार हो गई। भरत ने भोपाल स्टेशन पर माला को मोबाईल पर भी लगाए जो बंद बताए जा रहे थे।
इस घटना के कुछ बाद माला का फोन फिर भरत के पास आया और वो बोली कि मै आ रही हू, आप किराए के दो हजार रुपए डाल दो। मगर माला वापस नही आई।
लूटेरी दुल्हन और इसके गिरोह की सच्चाई सामने आने लगी तो भरत ने सुखेड़ा के दलाल मोहनलाल से सम्पर्क किया। मोहनलाल ने शादी कराने वाले दिपक से बाद की तो दीपक बोला कि अब माला चली गई है तो जाने में आप 80 हजार का इंतजाम करा दो में दूसरी लडक़ी से भरत की शादी करा दूगा।
इस मामले की शिकायत की जांच कर पुलिस ने पाया कि जाँच में पाया कि मोहनलाल मोगिया पिता लालु मोगिया निवासी सुखेडा , माला पिता जगदीश प्रसाद यादव निवासी घिवही सोनभद्र उत्तरप्रदेश दिपक मोबाईल नम्बर आदि द्वारा भरत से शादी के नाम पर षडयंत्र पुर्वक व बेईमानी से शादी कराने के नाम पर कुल दो लाख अस्सी हजार रुपये की धोखाधडी की है जो मामला धारा 318(4), 61 बीएनएस का पाया जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है ।
