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सनसनीखेज वारदात: एटीएम में नोट भरने वालों ने गायब किए पचास लाख

रतलाम। हर शहर में बैकों से जुड़े एटीएमों में रुपए भरने का काम विशेष ऐजेन्सियों को दिया जाता है। इन एजेसियों से जुड़े प्रशिक्षित कर्मचारी नियमित रुप से अनुबंधित बैकों के एटीएम में तय तकनीकि नियमों से रुपए जमा भी करते है, इसके बाद ग्राहक एटीएम से रुपए आहरण करता है। इस प्रक्रिया के चलते इन्दौर की एक ऐजेन्सी के कुछ कर्मचारियों ने एटीएम में रुपए भरने के नाम पर लगभग 50 लाख रुपए का गबन किया है। शिकायत के बाद मामले की जांच इन्दौर की लसुडिय़ा पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
फरियादी सी.एम.एस. इन्फो सिस्टम लि. के शाखा प्रबंधक मनीष कौल निवासी काछी मोहल्ला इन्दौर ने लसुडिय़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि सी.एम.एस. कंपनी का मुख्य कार्यालय मुंबई है और इन्दौर में कंपनी की शाखा विजय नगर में स्थित है।
सीएमएस कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न बैंको से एक अनुबंध के तहत और निर्धारित प्रक्रिया से धन आहरण कराकर और धनराशी लेकर सुरक्षित परिवहन उपरान्त सम्बन्धित बैंको के एटीएम में भरने का कार्य अपने कर्मचारी के माध्यम से करवाती है इसी कार्य के अनुक्रम में इंदौर के रूट क्रमांक 2 जिसके अंतर्गत 30 एटीएम आते है कंपनी के कर्मचारी दीपक उकांडे पिता सेवेन्द्र उकांडे निवासी शिवाजी नगर इंदौर में लगभग 8 (आठ) माह से और अभिषेक राजपूत पिता देवेन्द्र राजपूत निवासी अर्चना नगर इंदौर छ: माह पूर्व से रूट पर नियुक्त होकर बैंक से धन आहरण कर कंपनी ऑफिस में स्थित वॉल्ट में जमा करता वॉल्ट प्रभारी के द्वारा रूपयों को कैसिट में रखकर कंपनी के वाहन से एटीएम मशीन में धनराशि भरने का कार्य कर थे रूट पर मौजूद 30 एटीएम उनकी जवाबदारी उपरोक्त एटीएम में केस लोड करने के लिये इनके पास संबंधित बैंक के एटीएम का एडमिन कार्ड और एटीएम की चाबियों और ओटीसी (वन टाईम कॉमीनेशन) की रहती है ओटीसी की चाबी और सर्वर से प्राप्त दोनों कर्मचारियों के मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीसी कॉमीनेशन से ही एटीएम मशीन का वाल्ट खुल सकता है। इसके अलावा वन टाइन पासवार्ड अन्य किसी तीसरे को प्राप्त नहीं हो सकता है। दोनों जवाबदार कर्मचारियों के अलावा और कोई तीसरे व्यक्ति एटीएम मशीन का वॉल्ट खोल नहीं सकता है।
एटीएम मशीन को ऑपरेट करने के तुरंत पहले हेड ऑफिस में प्राप्त पासवार्ड एक बार उपयोग होने के बाद स्वयं निरस्त हो जाता है। फरियादी के अनुसार इन दोनों कर्मचारियों द्वारा एसबीआई बैंक बीओआई बैंक आईसीआईसीआई बैंक, यश बैंक, यूको बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सी.बी.आई. बैंक, पी.एन.बी. बैंक की शाखा एंव इंदौर सी.एम.एस. शाखा वॉल्ट से नियमित धनराशि प्राप्त कर इंदौर के विभिन्न स्थान के रूट क्रमांक 2 के 30 एटीएम में धनराशि भरी जाती है। गत 11 जून को को दीपक उकांडे ने परिवारिक समस्या बताकर छुट्टी का आवेदन दिया उसकी अनुपस्थिति में कंपनी ने मनीष प्रजापति और अभिषेक राजपूत ने रूट क्रमांक 2 का कार्य संभाला एवं उसी दिन सी.एम.एस. ऑडिटर जितेन्द्र गारगोन ने रूट पर केश जांचने का ऑडिट किया जिसके 30 एटीएम में से 11 एटीएम में राशि कम पायी गई। फरियादी के अनुसार कर्मचारियों का दायित्व था कि वह सीलबंद कैसिट को एटीएम के भीतर सुरक्षित रूप से स्थापित करे। किंतु उसने अपने दायित्व का समुचित निर्वहन नहीं किया। परिणामस्वरूप सीलबंद कैसिट को एटीएम के भीतर स्थापित किए बिना, एटीएम के बाहर उसकी सील तोडक़र उसमेंरखी धनराशि का गबन कर लिया गया। इस कृत्य में सी.एम.एस. कंपनी के कर्मचारी द्वारा शासकीय धनराशि का हरण / गबन किया गया है।
पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपित दीपक उकांडे व अभिषेक राजपुत के विरुद्द प्रथम द्रष्टया धारा 316(2) , 3(5) बीएनएस 2023 का अपराध पंजीबद्द कर विवेचना मे लिया है।

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