बाछड़ा समाज के विरोध के बाद जीवनसिंह पर पुलिस का शिकंजा

रतलाम। अपनी मांगों को लेकर दो दिनों तक जिला और पुलिस प्रशासन की नाक में दम कर चुके करणी सेवा परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर पर अब शिंकजा कसता जा रहा है। बीते दिनों पिपलौदा में चक्काजाम करने को लेकर इस पर प्रकरण दर्ज किया गया, वही आज खबर आई है कि बाछड़ा समाज के प्रति अभद्र टिप्पणी के मामले में पुलिस एक प्रकरण और दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
बताया जाता है कि जीवन सिंह शेरपुर द्वारा गत 30 जनवरी को माननखेड़ा पुलिस चौकी परिसर में अनेक लोगों की मौजूदगी में बांछड़ा समुदाय को लेकर अशोभनीय टिप्पणी कर समाज का अपमान किया गया। जीवन सिंह ने पूरे समाज को देह व्यापार से जोडक़र समाजजनों भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया। इतना ही नहीं, उक्त घोर आपत्तिजनक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।
इस मामले में पिछले दिनों समाजजनों ने रतलाम आकर पुलिस के आला अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया था। जिसमें उल्लेख किया गया था कि रतलाम, मंदसौर एवं नीमच जिले के 68 गांवों में बांछड़ा समाज के लोग भारी तादाद में निवास करते हैं। वर्तमान में उक्त समाज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। शासन-प्रशासन के साथ ही समाज के जागरूक लोगों द्वारा पूर्व से व्याप्त कुप्रथाओं को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समाज के लोगों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।
जीवन सिंह के उक्त कथित बयान की शिकायत 7 फरवरी को माननखेड़ा पुलिस चौकी पर समाज के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा प्रस्तुत की गई। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ज्ञापन में बताया गया है कि हाल ही में 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय के घेराव के चलते भी जीवन सिंह द्वारा इस समुदाय को पुन: अमर्यादित शब्दों से निशाना बनाया गया। जो कि बांछड़ा समाज के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। समाजजनों ने जीवन सिंह शेरपुर पर एससी / एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
इधर मामले की जांच के बाद पुलिस जीवनसिंह शेरपुर पर एट्रोसिटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सकती है। इन धाराओं का उपयोग शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रुप से अपमान या अत्याचार करने वालों पर होता है।
