फिर पैर पसार रहा है, कोरोना: ओमिक्रॉन वेरिएंट बीएफ-7 का गुजरात में पता चला
जानकारों ने बताया खतरा बोले - तेजी से फेल रहा है, सावधानी बरते जनता

कोरोना की पहली और दूसरी लहर में बच चुके लोगों के लिए कोविड का ओमिक्राँन वेरिएंट काफी डरावना साबित होने जा रहा है। अन्य देशों के साथ ही इसने भारत में भी अपनी जड़े जमाना शुरु कर और ओमिक्रॉन बीएफ-7 का पहला मामला सामने आ चुका है, जिसका गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर द्वारा पता लगाया गया है। पिछले साल के अंत में कोविड का ओमिक्रॉन वेरिएंट सामने आया था, जिसके बाद इसके कई सबवेरिएंट लगातार आ रहे हैं। ऐसे में कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लापरवाही के खिलाफ चेतावनी दी है।
राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह टीकाकरण (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष, डॉ एन.के. अरोड़ा का कहना है कि अगले दो से तीन हफ्ते बेहद अहम हैं। कोविड-19 संक्रमण अब भी है, और दो साल से ज़्यादा के समय बाद भी इसके नए-नए वेरिएंट्स सामने आ रहे हैं। इसलिए हमें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और पूर्व की तरह विशेषकर त्यौहारों के समय में उचित सावधानी बरती जाना चाहिए।
जानकारों के अनुसार ओमिक्रॉन बीएफ.7 के आम लक्षण भी वही हैं, जो पहले के वेरिएंट्स के थे। गले में खराश, कंजेशन, थकान, खांसी और नाक बहना इसके लक्षणों में शामिल हैं। ये नया वेरिएंट पिछले संक्रमण से मिली इम्यूनिटी और एंटीबॉडीज़ को चकमा देने में माहिर है, जो ओमिक्रॉन के पिछले वेरिएंट्स से ज़्यादा ताकतवर साबित हो सकता है। 
