चोरी की बाईक बरामद होते ही पुलिस ने शुरु कर दी अवैध वसूली, दो निलंबित
पुलिस से पीडि़त व्यक्ति ने एसपी को व्हाटशाप पर की थी, शिकायत

चोरी सहित अन्य ऐसे मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपित से पूछताछ के बाद पुलिस अनेक लोगों की लिस्ट बनाकर उनसे अवैध वसूली करती है, इस तरह के समाचार आए दिन सुर्खियों में रहते है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के कुचामन सिटी थाने से सामने आया है, जिसके चलते वसूलीबाज दो पुलिसकर्मियों को वहां के एसपी ने निलंबित कर जांच बैठा दी है।
जानकारों के अनुसार कुचामन सिटी थाना पुलिस ने एक बाइक चोर को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी की गई बाइक जप्त की थी. इस मामले में चोरी के आरोपी से पूछताछ कर कुचामन सिटी थाना पुलिस ने अलग-अलग लोगों को बेची गई बाइकों को जप्त कर लिया था. जिन लोगों को बाइकें बेचीं थीं, उनकी भी लिस्ट बनाई और उन लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच करने की बजाय कुचामन सिटी पुलिस ने इसे अवैध आमदनी का जरिया बना लिया.
इधर वसूली का शिकार हो रहे एक व्यक्ति ने एसपी को व्हाटशाप पर शिकायत दर्ज कराई तो एसपी राममूर्ति जोशी ने 40 हजार की रिश्वत लेने पर कुचामन थाने के कांस्टेबल नेमाराम व गोपाल सिंह ने परिवादी से 40 हजार रुपए लेने के मामले में सस्पेंड कर दिया है. दोनों ने बाइक चोरी के मामले में नाम निकालने कि एवज में रिश्वत ली थी. एसपी जांच करा रहे हैं कि चोरी की बाइकों के मामले में और पुलिसकर्मी तो लिप्त नहीं हैं. नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि उन्हें वाटसअप के जरिए एक व्यक्ति ने यह शिकायत दी कि बाइक चोरी के मामले में नाम निकालने की एवज में कुचामन थाने के दो कांस्टेबलों ने उससे 40 हजार रुपए ले लिए हैं.कुचामन के डीएसपी व एसएचओ की क्या भूमिका है, इसकी भी जांच शुरू हो गई है
