गैंग्स आँफ रत्नपुरी: नेता, समाजसेवी सभी ने प्रापर्टी व्यावसायी को ठगा, आईए जाने कौन क्या है ?

रतलाम। कालोनी में रुपया निवेश करने और लाभांश का लाभ देने के नाम पर एक प्रापर्टी व्यावसायी को गैज्स आँफ रत्नपुरी के आरोपितों ने 30 लाख रुपए के नीचे दे दिया। लगभग अपने पूरे रुपए गंवा चुका प्रापर्टी व्यापारी वर्षो से भटक कर कई मर्तबा पुलिस अफसरों के दरवाजों पर दस्तक भी देता रहा,मगर उसे हर तरफ निराशा ही हाथ लगी। थक हार कर फरियादी ने न्यायालय की शरण ली, तो पुलिस की नींद उड़ी और अब इस गैंग के खिलाफ कायमी की जाकर इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
इस गैंग से जुड़े होकर ,इन्द्रा नगर निवासी प्रापर्टी व्यवसायी नरेन्द्र डबरिया को ठगने वाले आशीष डेनियल को पंजा पार्टी के भौपू के नाम से जाना जाता है। कुछ समय पूर्व इसके खिलाफ किसी ने दुष्कर्म का आरोप भी लगाया था। ये वार्ड पार्षद के लिए भी चुनाव में खड़ा हुआ मगर हार गया और कांग्रेस संगठन में कुछ बदों पर रह चुका है। ये नरेन्द्र डबरिया का पूर्व में परिचित था और इसी परिचय का लाभ उठा कर आशीष ने अपनी गैंग के साथ नरेन्द्र को ठग लिया। आशीष डैनियल और इसकी पत्नी नीलिमा संयुक्त रुप से एडी इन्टप्राईजेस नामक फर्म का संचालन करते है।
इसी गैंग से जुड़ा होकर अंजुमन सदर रहा व प्रदेश कांग्रेस संगठन का पूर्व नेता याहया खान पिता रफीक खान शैरानी अल्पसंख्यक वर्ग के नेता की पहचान रखता है। ये प्रापर्टी व्यापार से जुड़ा होकर विवादित जमीन, मकानों के मेटर आदि के मामले भी सुलझाता है।
कालोनाईजर, नौलाइपुरा निवासी चन्द्र प्रकाश पिता सागरमल भण्डारी की फर्म एएलएसए रियल एस्टेट एण्ड डेवलपर्स प्रा.लिमि. नामक फर्म का डायरेक्टर संचालक है। भंडारी कुछ सालों पहले स्टेशन रोड़ एक ग्रुप से जुड़ा होकर विवादित मकानों और जमीनों पर दूसरों का रुपया खर्च करवाता था, और बाद में उसी मकान, दुकान और जमीन को अपने गुर्गो के साथ बेच कर रुपए की हिस्सेपाती करता था। भंडारी ने इसी धंधे में खूब माल कमाया और अब एक कपड़े की दुकान चला कर कालोनाईजर का काम भी संभालता है।
अमानत में खयानत से जुड़े उक्त मामले में आरोपित बनाए गए आरिफ बेलिम नि. आनन्द कालोनी भी प्रापर्टी व्यवसाय का काम करता है।
पुलिस की माने तो प्रापर्टी व्यवसायी नरेन्द्र डबरिया को आशीष डैनियल ने बताया कि चन्द्रप्रकाश भण्डारी की कंपनी के द्वारा रायल रेसीडेन्सी नामक कालोनी विकसित की जा रही है,जिसके विकास कार्यों का ठेका आशीष डैनियल की फर्म एडी इन्टर प्राईजेस को मिला हुआ है। आशीष डैनियल ने उक्त कामों में धन की आïवश्यकता बताते हुए नरेन्द्र डबरिया से तीस लाख रु. की मांग की और उसे यह विश्वास दिलाया कि रायल रेसीडेन्सी के विकास कार्यो से होने वाली आय में उसे भी लाभांश दिया जाएगा। इसके लिए आशीष की फर्म एडी इन्टरप्राईजेस ने परिवादी नरेन्द्र डबरिया से एक अनुबन्ध भी संपादित किया। आशीष की बातों पर भरोसा करते हुए परिवादी नरेन्द्र डबरिया ने विगत 29 फरवरी 2016 को अपनी पत्नी कविता डबरिया के बैैंक खाते से तीस लाख रु. आरटीजीएस के माध्यम से कांग्रेस नेता आशीष डैनियल की कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा दिए।
उधर कुछ सालों बाद रायल रेसीडेन्सी का काम पूरा हो चुका है और इसके एवज में चन्द्रप्रकाश भण्डारी की फर्म के द्वारा आशीष को 7 करोड 33 लाख रु. का भुगतान भी कर दिया गया है। जब उसे यह बात पता चली तो उसने आशीष से अपनी रकम लौटाने की मांग की, लेकिन आशीष ने रुपए लौटाने के बजाय उसे अश्लील गालियां दी और धमकाया कि उसे रुपए नहीं दिए जाएंगे। इससे आहत होकर जब परिवादी नरेन्द्र ने कालोनाईजर चन्द्र प्रकाश भण्डारी,याहया खान और आरिफ बेलिम से बात की,तो उन्होने भी परिवादी को धमकाया।
आखिरकार नरेन्द्र डबरिया के निजी परिवाद पर साक्ष्य लेने के बाद न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार ने पुलिस थाना स्टेशन रोड को उक्त पांचों अभियुक्तों के विरुद्ध अमानत में खयानत,धोखाधडी और आपराधिक षडयंत्र रचने की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया।
प्रकरण के अनुसन्धान अधिकारी एसआई शरीफ खान ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उक्त पांचों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। खान के मुताबिक आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा और न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

