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अवैध कालोनियां: कालोनाईजर पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी होगी कार्रवाई !

रतलाम। शहर सहित जिले और प्रदेश में अवैध कालोनी निर्माण की अंधी दौड़ को काबू में करने और अवैध कालोनियों को निर्मित कर इन्हे सरकारी स्तर पर वि
कसित करने की दौड़ को रोकने के लिए राज्य सरकार नए नियम तैयार कर रही है। पूर्व की सरकार के मुखिया ने प्रदेश की 6 हजार से ज्यादा अवैध कालोनियों को वैध करने की तैयारी की तो मौजूदा सरकार के मुखिया अवैध कालोनियों के नाम पर चांदी काटने वाले कालोनाईजरों को सबक सीखी रही है। अंदरखाने की खबरों पर गौर करे तो पता चलेगा कि अगर किसी कालोनाईजर ने अवैध कालोनी में एसएस, एसटी वर्ग से जुड़े लोगों को भूखण्ड बेचा है तो उसके खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार की मंशा है कि जो कालोनाईजर नियमों का पालन कर कालोनियों का निर्माण कर रहे है उन्हे किसी तरह की नुकसान नही हो, राजस्व की हिफाजत हो और जनता कालोनाईजरों के हाथों ठगी का शिकार नही हो।
सरकार नगरीय प्रशासन विभाग ऐसे नियम तैयार कर रहा है जिसके चलते अब अवैध कालोनियों का निर्माण सख्ती से रुक सकेगा। अब तक बसी अवैध कालोनियों की जांच में जानकारी बाहर आ रही है कि कई कालोनियां ऐसी तरह से निर्मित की गई है कि जिसमें टीएण्डसीपी की स्वीकृति, रेरा रजिस्ट्रेशन और निकास अनुमति ली ही नही गई है और भूखण्ड आदि काट कर बेंच दिए गए है। ऐसे ही जमीनखौरों पर सरकार सख्ती करते हुए कालोनाईजरों पर रासुका लगाने की भी तैयारियां कर रही है।
कसित करने की दौड़ को रोकने के लिए राज्य सरकार नए नियम तैयार कर रही है। पूर्व की सरकार के मुखिया ने प्रदेश की 6 हजार से ज्यादा अवैध कालोनियों को वैध करने की तैयारी की तो मौजूदा सरकार के मुखिया अवैध कालोनियों के नाम पर चांदी काटने वाले कालोनाईजरों को सबक सीखी रही है। अंदरखाने की खबरों पर गौर करे तो पता चलेगा कि अगर किसी कालोनाईजर ने अवैध कालोनी में एसएस, एसटी वर्ग से जुड़े लोगों को भूखण्ड बेचा है तो उसके खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।सरकार की मंशा है कि जो कालोनाईजर नियमों का पालन कर कालोनियों का निर्माण कर रहे है उन्हे किसी तरह की नुकसान नही हो, राजस्व की हिफाजत हो और जनता कालोनाईजरों के हाथों ठगी का शिकार नही हो।
सरकार नगरीय प्रशासन विभाग ऐसे नियम तैयार कर रहा है जिसके चलते अब अवैध कालोनियों का निर्माण सख्ती से रुक सकेगा। अब तक बसी अवैध कालोनियों की जांच में जानकारी बाहर आ रही है कि कई कालोनियां ऐसी तरह से निर्मित की गई है कि जिसमें टीएण्डसीपी की स्वीकृति, रेरा रजिस्ट्रेशन और निकास अनुमति ली ही नही गई है और भूखण्ड आदि काट कर बेंच दिए गए है। ऐसे ही जमीनखौरों पर सरकार सख्ती करते हुए कालोनाईजरों पर रासुका लगाने की भी तैयारियां कर रही है।
