क्राइम
प्यार में धोखा, प्रेमी ने खुद को 40 इंजेक्शन लगा कर जान दी
प्यार में धोखा, प्रेमी ने खुद को 40 इंजेक्शन लगा कर जान दी

निजी अस्पताल में काम करने वाले एक लैब टेक्निशियन को समीप के ही प्रायवेट अस्पताल में काम करने वाली नर्स से प्यार हो गया। पिछले पांच साल तक दोनो का प्यार परवान चढ़ा मगर कुछ माह पहले हुए आपसी विवाद के चलते प्रेमिका ने साथ छोड़ दिया। प्रेमिका की इस बेवफाई से दुखी प्रेमी एक होटल के कमरे में ग्लुकोज की बोतल में बेहोशी के चालीस लगा कर ले गया और खुद ने ड्रिप चढ़ा कर मौत को गले लगा लिया। पुलिस अब मामले की जानकारी हासिल कर युवती से भी पूछताछ के प्रयास कर रही है।
मामला यूपी के कानपुर से बाहर आया है और घटना चकेरी थाना क्षेत्र के एक होटल में घटित हुई है। जहां ऑपरेशन थियेटर के टेक्निशियन विजय सिंह यादव ने ग्लूकोज में बेहोशी की दवाओं का ओवरडोज लेकर होटल के कमरे में सुसाइड कर लिया।
विजय ने मरने से पहले एक सुसाईड नोट भी लिखा है जिसमें उल्लेख किया है कि मेरे साथ अच्छा नहीं हुआ, तुमने मेरे साथ अच्छा नहीं किया. मेरे पांच साल तुमने बर्बाद कर दिए और आज बचा हुआ करियर भी. सभी लोग मुझे माफ करें. मैं अपनी जिंदगी से हार चुका हूं. मेरी लाश आशीष भैया को छोडक़र किसी को मत देना। मेरी प्रेमिका को तो मेरी लाश के पास आने भी मत देना।
पुलिस के अनुसार विजय सिंह का एक युवती से बीते पांच सालों से अफेयर था. वह युवती भी एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स थी. कुछ दिन पहले दोनों के बीच झगड़ा हो गया और विजय ने उस पर हाथ उठा दिया. इसके बाद युवती सीधे थाने चली गई. वहां उसने पुलिस से शिकायत की. साथ ही अपने घरवालों को भी इस घटना की जानकारी दी. युवती ने तब आरोप लगाया कि विजय पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी उसे छोडक़र चली गई थी. ये बात छिपाकर उसने उसके साथ लव मैरिज की थी. पहली पत्नी से तलाक नहीं होने के कारण उनका विवाह मान्य नहीं था इसलिए वो विजय के साथ नहीं रहना चाहती। पुलिस के अनुसार हम हर एंगल से मामले की जांच कर रहे है।
मामला यूपी के कानपुर से बाहर आया है और घटना चकेरी थाना क्षेत्र के एक होटल में घटित हुई है। जहां ऑपरेशन थियेटर के टेक्निशियन विजय सिंह यादव ने ग्लूकोज में बेहोशी की दवाओं का ओवरडोज लेकर होटल के कमरे में सुसाइड कर लिया।
विजय ने मरने से पहले एक सुसाईड नोट भी लिखा है जिसमें उल्लेख किया है कि मेरे साथ अच्छा नहीं हुआ, तुमने मेरे साथ अच्छा नहीं किया. मेरे पांच साल तुमने बर्बाद कर दिए और आज बचा हुआ करियर भी. सभी लोग मुझे माफ करें. मैं अपनी जिंदगी से हार चुका हूं. मेरी लाश आशीष भैया को छोडक़र किसी को मत देना। मेरी प्रेमिका को तो मेरी लाश के पास आने भी मत देना।
पुलिस के अनुसार विजय सिंह का एक युवती से बीते पांच सालों से अफेयर था. वह युवती भी एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स थी. कुछ दिन पहले दोनों के बीच झगड़ा हो गया और विजय ने उस पर हाथ उठा दिया. इसके बाद युवती सीधे थाने चली गई. वहां उसने पुलिस से शिकायत की. साथ ही अपने घरवालों को भी इस घटना की जानकारी दी. युवती ने तब आरोप लगाया कि विजय पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी उसे छोडक़र चली गई थी. ये बात छिपाकर उसने उसके साथ लव मैरिज की थी. पहली पत्नी से तलाक नहीं होने के कारण उनका विवाह मान्य नहीं था इसलिए वो विजय के साथ नहीं रहना चाहती। पुलिस के अनुसार हम हर एंगल से मामले की जांच कर रहे है।

