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जमीनखौर की जादूगरी: जिंदा महिला को कागजों पर मृत बता कर दिया उसकी जमीन का सौदा

तलाम।
शहर सहित जिले भर में मधुमख्खी के छत्ते की तरह फैले जमीन के जादूगर कुछ भी कर सकते है। ये जिनिंग फेक्ट्री उर्फ सिविक सेंटर पर काटे गए प्लाटों की रजिस्ट्री एक शराब और औरतबाज आयुक्त के माध्यम से करवा सकते है, हवाई अड्डे के पास कालोनी काट सकते है। इन्ही जमीनखौरों के बीच से आए एक नाम शातिर हरमीतसिंह ओबेराँय का आया है, जो शहर के शास्त्री नगर क्षेत्र में रहता है। इसने एक जिंदा महिला को कागजों पर मार कर वसीयतनामा बनवा लिया और भ्र्रष्टाचार में आंकठ डूबे तहसील कार्यालय में पटवारी से लेकर नायब तहसीलदार से लेकर सभी की राह में नोट बिछा कर नामातंरण कराते हुए जमीन का सौदा भी 50 लाख रुपए में कर दिया।
पिछले साल हुए इस फर्जीवाड़े का खुलाशा कलेक्टर राजेश बाथम के पास पहुची एक शिकायत के बाद हुआ। इन्दौर के वरिष्ठ अधिवक्ता(एलएलबी,एलएलएम) राजेन्द्र गुप्ता ने जैसे ही सबूतों के साथ जिला और पुलिस प्रशासन को इस मामले की शिकायत प्रस्तुत की वैसे ही कलेक्टर कार्यालय के हर कोने में हलचल तेज हो गई।
मामला श्रीमती जरनेल कौर पति स्व.देशराज मान निवासी आंनदवन आईडीए बिल्डिग, अग्रवाल स्कूल के पास की जमीन से जुड़ा हुआ है। वर्षो पूर्व इन्होने रतलाम के ग्राम तितरी में एक जमीन खरीदी थी, उसके बाद ये अपने परिवार के साथ पटियाला के ग्राम भमाना पट्टी तहसील समाना चली गई थी। जरनेल कौर और इनके परिजन इस बात से निश्ंिचत थे कि उनकी रतलाम में एक जमीन रखी हुई है। पिछले साल जब इन्होने जमीन की खोजबीन की तो पता चला कि इनकी जमीन भूमि खसरा नम्बर-385,1 रकबा 0.500 अमित पिता विजय सेठी निवासी विक्रम मार्ग खाचरौद ने खरीद ली है। जब जरनेल कौर ने इस मामले की और जानकारी निकाली तो पता चला कि जमीन को बेचने वाला शास्त्रीनगर निवासी हरमीतसिंह ओबेराँय और इसका परिवार है।
वर्षो से खाली पड़ी इस जमीन पर रतलाम के शातिर हरमीतसिंह ओबेराँय की नजर पड़ी तो इसने जमीन को हड़पने के लिए षडय़ंत्र रचना शुरु कर दिया। इसने सबसे पहले जरनेल कौर को मरा हुआ साबित करने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराया जिसमे जनरेल कौर की मौत रतलाम के शास्त्रीनगर स्थित हरमीत ओबेराँय के घर में 13 नवम्बर 2021 को होना बताई गई। इसके पूर्व हरमीतसिंह ने जरनेल कौर के नाम से एक नोटरीयुक्त वसीयत भी 23 अक्टूबर 2019 को बनवा कर रख ली। इस वसीयत में जनरेल कौर का निवास शास्त्रीनगर रतलाम बताया गया। इस पूरे षडय़ंत्र में हरमीतसिंह ओबेराँय की पत्नी हरप्रीत कौर, इनका बेटा बलप्रीतसिंह ओबेराँय सहित गवाह के रुप में आधा दर्जन लोग शामिल है। हरमीतसिंह ने जमीन हड़पने के लिए जो रजिस्ट्री में जरनेल कौर को बुआ बताया है, जबकि नामातंरण के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में इन्हे चाची बताया है।
पटवारी से लेकर तहसीलदार रडार पर
इस पूरे मामले में आपराधिक साजिशकर्ताओं में जरनेल कौर का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले नगर निगम अधिकारी कर्मचारी, पटवारी मौजा आरीफ,फर्जी वसीयतनामा बनाने के लिए स्टाँम्प जारी करने वाले स्टाँम्प वेंडर, नोटरी करने वाला नोटरी, नायब तहसीलदार सविता राठोर( पश्चिम भाग) तहसीलदार श्रृषभ ठाकुर, सेवा प्रदाता योगेश प्रजापत, पैलेस रोड़, प्रसन्ना कुमार गुप्ता सब रजिस्ट्रार एंव मुद्रक विभाग रतलाम आदि को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि सविता राठोर को हाल ही में प्रभारी मंत्री की नाराजगी के कारण पश्चिम भाग (रतलाम शहर) से हटा कर जिला मुख्यालय पर अटैच किया गया है।
हरमीत के घर कभी नही रही जरनेल कौर
जरनेल कौर के अनुसार फर्जी दस्तावेजों में हरमीतसिंह इसके गवाहों, पटवारी, नायब तहसीलदार आदि ने मुझे हरमीतसिंह के रतलाम स्थित शास्त्रीनगर घर में रहना बताया है, जबकि यह अपने जीवन में आज तक कभी रतलाम स्थित शास्त्री नगर गई ही नही है, और ना ही इसकी कभी हरमीतसिंह या इसके परिवार से किसी तरह की जान पहचान रही है। मै कई सालों से अपने परिवार के साथ विदेश में भी रही हू। हरमीतसिंह ने दस्तावेजों में इनकी कोई संतान नही होना बताया है, जबकि जरनेल कौर आज भी अपनी संतानों के साथ ही निवासरत है। हरमीतसिंह के इस काले कारनामें में इसकी पत्नी हरप्रीत कौर व बलप्रीत कौर,अमित सेठी, सतनामसिंह ठक्कर, राजेन्द्रसिंह गुर्जर आदि बराबरी के साथी है।
कलेक्टर से मुलाकात की
जरनेल कौर ने इस पूरे मामले की शिकायत अपनी पुत्री रमन भान और अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार गुप्ता के माध्यम से की है। सोमवार को अधिवक्ता श्री गुप्ता रतलाम पहुचे और उन्होने कलेक्टर राजेश बाथम को पूरे मामले से अवगत कराया है। श्री गुप्ता ने रतलाम शहर एसडीएम अनिल भाना को भी दस्तावेज प्रस्तुत किए वही एसपी कार्यालय और थाना माणकचौक में भी शिकायत दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई के लिए अभिभाषक प्रणव व्यास को पांबद किया है।

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