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रतलाम: एसडीएम कोर्ट में नेताओं की नैतिकता तार-तार हुई

यू तो राजनीति से जुड़े लोगों में नैतिकता कम ही दिखाई देती है, मगर कुछ नेता नेतिकता को तार-तार करने में कोई कसर नही छोड़ते है। इसके उदाहरण समय-समय पर दिखाई और सुनाई देते रहे है। गुरुवार को रतलाम कलेेक्टर कार्यालय स्थित एसडीएम कोर्ट में भी सत्ता पक्ष के एक नेता पति और इसकी नेत्री पत्नी ने जो कारनामा किया है, उससे नैतिकता पूरी तरह से तार तार होती नजर आई है। ससुर के साथ मारपीट करने वाली बहू रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद की प्रतिनिधि रह चुकी है, वही इनके पतिदेव भी राजनीति में सक्रिय बताए जाते है।
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार पिछले मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई में आज 72 वर्षीय नरेन्द्र पिता बद्रीलाल पाटीदार और इनकी 68 वर्षीय पत्नी पुष्पा पाटीदार ने शिकायत दर्ज कराई है कि इनके पुत्र आशीष पाटीदार और बहू भारती पाटीदार निवासी निवासी भोले दूध डेयरी उंकाला रोड़ ने कूट रचित हस्ताक्षर कर इनकी स्वअर्जित संपत्ति पर बैंक से 75 लाख लोन लिया है, और अब लोन चुकाने के लिए हमारे मकान को बेचने का दबाव बना कर हमे प्रताडि़त करते आ रहे है।
बुजुर्ग दंपत्ति का आरोप था कि उन्होने मामले की शिकायत थाना स्टेशन रोड़ सहित अन्य माध्यमों को भी की गई थी, मगर कही सुनवाई नही हो पाई है। बुजुर्ग दंपत्ति की शिकायत की जांच अब एसडीएम (रतलाम शहर) को सौपी गई है। मगर राजनीतिक रसूख वाले बेटा बहू हर मर्तबा शिकायत पर कार्रवाई नही होने देते है। जनसुनवाई करने वाले अधिकारी ने यह मामला एसडीएम (शहर) को जांच के लिए भेजा था। जहां आज एसडीएम कोर्ट में दोनो पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था।
आज एसडीएम कोर्ट में एक तरफ से पिता और दूसरी तरफ से बेटा और बहू पहुचे थे। यहां दोनो के बीच चर्चा चल रही थी, इसी दौरान गुस्साए ससुर नरेन्द्र पाटीदार ने अपनी बहू पर हाथ उठाकर उसे भला बुरा कहना शुरु कर दिया। अपनी पत्नी भारती पर पिता को गुस्सा होते देख आशीष पाटीदार ने अपने पिता के साथ मारपीट शुरु कर दी। आशीष ने पिता पर लात घूंसों से मारपीट शुरु की उसी दौरान बहू भारती ने भी ससुर पर चप्पलों से मारपीट शुरु कर दी।
बताया जाता है कि बेटे आशीष और बहू भारती पाटीदार ने बुजुर्ग पिता नरेन्द्र पाटीदार को इतना मारा कि उन्हे मौके पर ही खून की उल्टियां होने लगी थी। बाद में दोनो पक्षों को अलग-अलग कर मामले को जैसे तैसे शांत किया है।
बुजुर्ग दंपत्ति ने प्रशासन को शिकायत के माध्यम से बताया कि हमारी स्वअर्जीत संपत्ति जो हमारा एकमात्र निवास भी है भूखंड क्रमांक 145 146 व 147 पर बने भवन जो समता परिसर में स्थित है को बेटे बहू द्वारा कूटरचित हस्ताक्षर कर फाइनेंस कंपनी एच.डी.बी. फाइनेंशियल सर्विसेज स्टेशन रोड रतलाम को सिक्योरिटी पेट रखकर उक्त भवन पर 76,00,000/- (छिहत्तर लाख रुपए) का ऋण प्राप्त कर लिया गया है जबकि हमारे द्वारा ना तो कभी कोई ऋण प्राप्त किया है और ना ही कहीं हस्ताक्षर किए हैं बेटे द्वारा उक्त ऋण षडयंत्र पूर्वक अवैध रूप से प्राप्त किया गया है जिसकी जानकारी हमे को फाइनेंस कंपनी द्वारा भेजे गए नोटिस के माध्यम से प्राप्त हुई।
बहरहाल, इस पूरे मामले में यहां नैतिकता और संस्कार की धज्जियां बिखरती देखी गई। बेटे और बहू के द्वारा बुजुर्ग पिता और ससुर को बुरी तरह से पीटा जाना भारतीय संस्कृति में बुरा माना जाता है, वही ससुर का भी अपनी बहू पर हाथ उठा देना नैतिकता से परे है। माता पिता की संपत्ति को हड़पने की साजिश विवाद, शिकायत और मारपीट तक पहुचने के बाद चर्चा है कि नैतिकता और संस्कार भूलने वाले नेता आने वाले समय में कुछ भी कर सकते है।

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