क्राइम
8 बीवी+9 बच्चे =5 वी फेल मजदूर बना महा ठगराज

पांचवी पास होने के बाद कक्षा छटी में फेल हुआ तो पिता ने फटकार लगाई। फटकार का असर इस बच्चे पर ऐसा हुआ कि ये काम की तलाश में मुंबई चला गया। वहां इसने फाँल्स सीलिंग का काम शुरु किया। ये काम छुटा तो इसने सोशल मीडिया पर रील्स बनाना शुरु की तो कुछ पैसा आने लगा मगर इसकी विलसता वाली लाईफ स्टाईल ने इसे महाठग बना दिया। इस ठग को पुलिस ने पिछले दिनों उस समय हिरासत में लिया है जब यह एक होटल में अपने परिवार के साथ खाना खाते हुए 31 दिसम्बर की शाम दुबई और सिंगापुर में मनाने की योजना बना रहा था।
लोगों को रुपए दोगुने करने का लालच देकर असल नोट लेकर नकली नोट पकड़ाने वाले इस महाठग का नाम अजीत मौर्य उर्फ रमेश कुमार है. ये उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का रहने वाला है।
अजीत ने ठगी के ये गुर मुंबई के ही कुछ लोगों के साथ मिल कर सीखे थे। इसने बकायदा एक गेंग बनाई जिसमें राजेश कुमार निवासी प्रतापगढ़, दीपक गुप्ता निवासी , सूरजकुमार मुंबई को शामिल किया और ये लोगों को झांसा देकर लाखों रुपए ठगने लगे।
अजीत कुमार इसकी गेंग पहले शिकार को 100-100 रुपए के असली नोट नकली बताकर दे दिए जाते. उससे कहा जाता कि इसे ले जाकर बाजार में चलाओ. नोट चूंकि असली होते तो आसानी से चल जाते थे. इसके बाद शिकार को उन पर भरोसा हो जाता. फिर बड़ी संख्या में पैसों की डिमांड की जाती. उन पैसों को डबल करने का वादा किया जाता. शिकार जब पैसे लेकर आता तो उसे नकली नोटों से भरा बैग देकर आरोपी फुर्र हो जाते थे। बैग खोलने के बाद शिकार ठगा रह जाता है। अजीत और इसके साथी नकली नोट नेपाल के रास्ते लाते थे।
इसी ठगी के चलते गत नवम्बर माह में इस गेंग ने धमेन्द्र नामक एक व्यक्ति से तीन लाख लेकर उसे रुपए दोगुने करने का लालच दिया और छह लाख रुपए के नकली नोट से भरा सूटकेस थमा दिया। जब धर्मेन्द्र ने सूटकेस खोला तो उसके होश उढ़ गए। धर्मेन्द्र ने इस मामले की शिकायत तुंरत सरोजनी थाना यूपी में दर्ज कराई और पुलिस ने शिकायत पर जांच में पाया कि अजीत सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर भी है. वो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील्स और वीडियो बनाकर अपलोड करता है. उसकी लग्जरी लाइफ को लोग खूब देखते हैं. उसके अच्छे खासे फॉलोवर्स भी हैं। इसके बाद पुलिस की खोजबीन रंग लाई और अजीत को हिरासत में ले लिया गया। इसके दो साथी फरार बताए जाते है।
ठगी के इस कारोबार के चलते अय्याशी जिन्दगी जीने वाले अजीत की पहली शादी सुशीला से हुए और इनके सात बच्चे हुए। इसके बाद अजीत ने एक महिला को और बीवी बनाकर आलीशान मकान बनवा दिया। ठगी का कारोबार बढ़ता देख इसने 6 अन्य महिलाओं को भी सुख सुविधाएं देकर अपनी बीवियों की तरह शुरु कर दिया।
लोगों को रुपए दोगुने करने का लालच देकर असल नोट लेकर नकली नोट पकड़ाने वाले इस महाठग का नाम अजीत मौर्य उर्फ रमेश कुमार है. ये उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का रहने वाला है।
अजीत ने ठगी के ये गुर मुंबई के ही कुछ लोगों के साथ मिल कर सीखे थे। इसने बकायदा एक गेंग बनाई जिसमें राजेश कुमार निवासी प्रतापगढ़, दीपक गुप्ता निवासी , सूरजकुमार मुंबई को शामिल किया और ये लोगों को झांसा देकर लाखों रुपए ठगने लगे।
अजीत कुमार इसकी गेंग पहले शिकार को 100-100 रुपए के असली नोट नकली बताकर दे दिए जाते. उससे कहा जाता कि इसे ले जाकर बाजार में चलाओ. नोट चूंकि असली होते तो आसानी से चल जाते थे. इसके बाद शिकार को उन पर भरोसा हो जाता. फिर बड़ी संख्या में पैसों की डिमांड की जाती. उन पैसों को डबल करने का वादा किया जाता. शिकार जब पैसे लेकर आता तो उसे नकली नोटों से भरा बैग देकर आरोपी फुर्र हो जाते थे। बैग खोलने के बाद शिकार ठगा रह जाता है। अजीत और इसके साथी नकली नोट नेपाल के रास्ते लाते थे।
इसी ठगी के चलते गत नवम्बर माह में इस गेंग ने धमेन्द्र नामक एक व्यक्ति से तीन लाख लेकर उसे रुपए दोगुने करने का लालच दिया और छह लाख रुपए के नकली नोट से भरा सूटकेस थमा दिया। जब धर्मेन्द्र ने सूटकेस खोला तो उसके होश उढ़ गए। धर्मेन्द्र ने इस मामले की शिकायत तुंरत सरोजनी थाना यूपी में दर्ज कराई और पुलिस ने शिकायत पर जांच में पाया कि अजीत सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर भी है. वो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील्स और वीडियो बनाकर अपलोड करता है. उसकी लग्जरी लाइफ को लोग खूब देखते हैं. उसके अच्छे खासे फॉलोवर्स भी हैं। इसके बाद पुलिस की खोजबीन रंग लाई और अजीत को हिरासत में ले लिया गया। इसके दो साथी फरार बताए जाते है।
ठगी के इस कारोबार के चलते अय्याशी जिन्दगी जीने वाले अजीत की पहली शादी सुशीला से हुए और इनके सात बच्चे हुए। इसके बाद अजीत ने एक महिला को और बीवी बनाकर आलीशान मकान बनवा दिया। ठगी का कारोबार बढ़ता देख इसने 6 अन्य महिलाओं को भी सुख सुविधाएं देकर अपनी बीवियों की तरह शुरु कर दिया।

