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पक्की सहेली को कच्चे प्रेम के शक में मार डाला

शराब के नशे में परिचित के सामने कबूली वारदात, मारने का मलाल नही है आरोपित को

अनुराधा नायक और ज्योति धानका पक्की सहेली थी। दोनों ही ब्याज पर पैसे का लेन-देन का काम करती थी। अनुराधा की शादी हुई, मगर कुछ समय बाद इसके पति की मौत हो गई तो एक अन्य युवक से इसे प्यार हो गया। अनुराधा का प्रेमी कभी कभार ज्योति से भी बात कर लिया करता था। एक दिन जब दोनो सहेलियां साथ थी, तभी ज्योति के मोबाईल पर अनुराधा के प्रेमी का फोन आया, और यही देख अनुराधा को गुस्सा आया और उसने ज्योति का गला रस्सी से दबा कर उसे मार डाला। अब अनुराधा पुलिस की गिरफ्त में है,मगर उसे अपनी पक्की सहेली को मौत के घाट उतारने पर कोई मलाल नही है।
मामला अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र का होकर बीती 6 सितम्बर का है। पुलिस की माने तो अनुराधा के घर आई ज्योति को मौत के घाट उतारने के बाद इसने ज्योति के स्कूटी व अन्य सामान भगवानगंज के आसपास फेक दिया और अपने किसी परिचित के यहां रहने चली गई। दूसरे दिन वह अपने किसी अन्य परिचित के यहां अहमदाबाद के पाली क्षेत्र में चली गई। जहां अनुराधा ने अपने इस परिचित के साथ शराब पी और रोने लगी। जब परिचित ने रोने का कारण पूछा तो वह बोली कि मैने ज्योति का मर्डर कर दिया है।
हत्या की बात सुन कर परिचित के भी होश उड़ गए और उसने बिना देरी किए मामले की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके पूर्व 32 साल की ज्योति क्लॉक टावर थाना के उसरी गेट रावण की बगीची में पिता रमेश चंद धानका के साथ रहती थी। सात सितम्बर की सुबह स्कूटी, मोबाइल भगवान गंज में मिले तो पिता ने 7 सितम्बर को ही क्लॉक टावर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने अनुराधा को पकड़ा और अनुराधा ने ही पाली पुलिस को बताया कि ज्योति की लाश अब भी कमरे में पड़ी है। इसकी जानकारी अजमेर में रामगंज सीआई सतेन्द्रसिंह नेगी को दी। 8 सितम्बर की सुबह ही रामगंज पुलिस ने जब कमरे का ताला खोला तो उसमें ज्योति की लाश पड़ी थी।
इधर मर्डर की सूचना सुनते ही पुलिस सक्रीय हुई अनुराधा को अजमेर लाई और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मोबाइल, रस्सी व अन्य सामान बरामद कर लिया।

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