डीएफओ बोले- अफवाह है, आशा के गर्भवती होने की खबरे ?
कूनो राष्ट्रीय पार्क में आशा नाम की कोई मादा चीता भी नही है

सूत न कपास जुलाहो में लट्ठम-लट्ठा . . . इंसानी रुप में कोई मादा गर्भवती हो जाए तो खबर नही बनती, मगर एक मादा चीते के गर्भधारण की खबर राष्ट्रीय सुर्खिया बन गई। अब कूनो राष्ट्रीय पार्क के डीएफओं प्रकाश कुमार भार्गव बताते है कि यहां कोई मादा चीता ने गर्भधारण नही किया है और ना ही यहां आशा नाम की कोई मादा चीता है।
एक समाचार एजेंसी से आई खबर के मुताबिक बीते दिनों नामीबिया से मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 8 चीते लाए गए थे। कल से एक खबर चल रही है कि इन्ही मे से आशा नाम की एक माता चीता उम्मीद से है, ऐसे में पार्क में चीतों का कुनबा बढ़ सकता है।
इन्ही खबरों के बीच कूनो नेशनल पार्क के डीएफओं प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि पार्क में ना तो आशा नाम की चीता गर्भवती है और न ही कोई और मादा चीता ने गर्भधारण किया है।
श्री वर्मा के अनुसार चीतों को भारत के वातारण में एडजस्ट करने में कुछ महीनों का समय लगेगा. ऐसे में चीतों के बीच मिलन होना और किसी मादा चीता का गर्भवती हो जाना फिलहाल संभव ही नहीं है। न तो यहां किसी तरह का टेस्ट किया गया है. न ही नामीबिया से प्रेग्नेंसी रिपोर्ट दी गई ,कुछ लोग बेवजह अफवाह उड़ा रहे हैं।
वहीं डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने यहां लाए गए किसी भी चीते का नामकरण किया है, इसकी कोई जानकारी हमारे पास नहीं है. यदि पीएम ने एक भी चीते का नामकरण किया होता तो वे बीते रोज मन की बात में लोगों से नाम के सुझाव क्यों मांगते ?
