पटवारी ने रिश्वत में मिले नोट अपने सहायक को देकर भगाया
एसीबी की टीम ने हाथ पर लगे रंग से पटवारी को आरोपी बनाकर हिरासत में लिया

चित्तौडग़ढ़ के मंगलवाड़ में एसीबी की टीम ने एक शिकायत पर पटवारी को रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया है। पटवारी भी चालाक था उसने रुपए हाथ में लिए और एसीबी की टीम को देखते हुए यह रुपए अपने एक सहायक को देकर भगा दिया। मगर एसीबी की टीम ने एक चालाक पटवारी के हाथों पर लगे नोटों के रंग के आधार पर इसे हिरासत में लिया है और रुपए लेकर भागे सहायक की तलाश की जा रही है।
उदयपुर सिटी की पुलिस के अनुसार पटवारी श्रीमाधोपुर,सीकर हाल मंगलवाड़ निवासी झाबरमल (43) पुत्र रामेश्वर लाल पढऩा वर्मा ने एक विधवा महिला मुन्ना अहीर के एक कृषि भूमि का नामांतरण करने के बदले में 5000 की रिश्वत राशि की मांग की। जिस पर मुन्ना अहीर ने अपने जेठ डालचंद पुत्र शंकरलाल अहीर को इस बात के बारे में बताया। डालचंद ने एसीबी उदयपुर को इसकी शिकायत की।
बताया जाता है कि मांग सत्यापन के दौरान नामांतरण करने के लिए आरोपी ने 500 रुपए लिए और बाकी के 4000 रुपए लेने की डील हुई। आरोपी और परिवादी के बीच हुई बातचीत की पुष्टि होने पर मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी झाबरमल वर्मा ने परिवादी से 4000 रुपए अपने हाथ में लिया। लेकिन जैसे ही एसीबी की टीम को आते देखा, उसने यह रुपए अपने सहायक के रूप में काम कर रहे एक प्राइवेट व्यक्ति मोरवन निवासी पुष्कर पुत्र नानालाल अहीर को पकड़ा दिया और उसे मौके से भगा दिया। इधर लेनदेन के समय हुई बातचीत और पटवारी के हाथों में लगे नीले रंग के आधार पर झाबरमल को रिश्वत राशि मांग कर लेने की पुष्टि की है।
