उम्रकैद: 10 साल के बच्चे को मारकर खून पी गई थी महिला
महिला, प्रेमी सहित तीन लोग थे, हत्याकांड में शामिल

महिला को छह साल के बाद भी संतान सुख प्राप्त नही हुआ तो पति से हर दिन विवाद होने लगे। इसी विवाद के चलते वह अपने मामा के घर रहने लगी। यहां एक युवक से उसकी मुलाकात हुई जो बाद में इसका प्रेमी भी बन गया। महिला को बच्चा नही होने की टीस थी और इसी के चलते उसने अपने प्रेमी व अन्य साथी के साथ एक तांत्रिक से सम्पर्क किया। तांत्रिक ने इसे नरबलि की सलाह दी तो महिला ने पड़ोस में रहने वाले एक 10 साल के बच्चे को अपने घर टीवी देखने बुलाया और और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद महिला ने लाश से बह रहे खून को अपने चेहरे पर लगाया और बाकि खून पी गई। विगत वर्षो हुए इस हत्याकांड के मामले में स्थानीय अदालत ने महिला सहित इसके साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मृतक के परिजनों ने इसे फांसी देने की मांग की थी।
उत्तर प्रदेश के बरेली का है जहां स्थानीय अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद शुक्ला ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अपनी गिरफ्तारी के बाद महिला ने जांच अधिकारी को बताया कि शादी के छह साल बाद भी बच्चा न होने के कारण उसने एक तांत्रिक के कहने पर ऐसा किया। उसने बताया ससुराल में तानों से तंग आकर धन देवी पीलीभीत जिले के माधोटांडा निवासी अपने पति धर्मपाल को छोडक़र शाहजहांपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रहने लगी थी, जहां उसकी मुलाकात तांत्रिक से हुई थी।
बताया जाता है कि आरोपी महिला धनदेवी ने अपने प्रेमी सूरज और चचेरे भाई सुनील कुमार की मदद से अपने पड़ोसी के बेटे का अपहरण कर लिया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। यह भयावह घटना 5 दिसंबर , 2017 को रोजा थाना क्षेत्र के जमुका गांव में घटित हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड के एक सप्ताह बाद महिला को हिरासत में ले लिया था।
