जावरा:पति दूसरी औरतों के चक्कर में और पत्नी बच्चों के साथ झेल रही आर्थिक तंगी
जनसुनवाई में महिला ने प्रभारी कलेक्टर को सुनाई आपबीती

रतलाम। पति ताल के शासकीय अस्पताल में कार्यरत है और इसके कई औरतों से संबध है। खास कर मुरादाबाद (यूपी) की एक महिला से ज्यादा नजदीकियां है और हर साल ये वहां जाकर उस महिला पर लाखों रुपए खर्च कर के आ जाता है। इधर इस अस्पतालकर्मी की बीवी खुद और अपने बच्चों के पालन पोषण को लेकर चिंतित है। इस महिला ने आज कलेक्टर कार्यालय में होने वाली जनसुनवाई के दौरान अपनी पीड़ा बताते हुए समस्या के निराकरण की मांग की है। प्रभारी कलेक्टर अभिषेक गेहलोत की मौजदूगी में होने वाली जनसुनवाई के दौरान महिला का आवेदन सीएमएचओं की और भेजा गया है।
नगरसिंहपुरा जावरा में रहने वाली एक महिला ने जनसुनवाई में आवेदन दिया है कि मेरे पति साबीर हुसैन ताल के अस्पताल में कार्यरत है और दूसरी औरतों के चक्कर में आकर मुझ पर व अपने बेटा-बेटी पर ध्यान नही दे रहे है। अच्छी खासी तनख्वाह के बावजूद घर खर्च नाममात्र का दिया जाता है, जिसके कारण घर चलाना व बच्चों की पढ़ाई में अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादा रुपयों के लिए तकादा करते है तो पति कहता है कि जितना है उतने में काम चलाना पड़ेगा।
पत्नी ने आवेदन में उल्लेख किया है कि पति ने ना तो पुत्र की पढ़ाई में सहयोग किया और ना ही बेटी की शादी में ज्यादा राशि खर्च की है। महिला ने पति पर आरोप लगाए है कि साबिर कई औरतों से बाते करता है, मगर मुख्य रुप से ये मुरादाबाद (यूपी) की एक महिला के सम्पर्क में है। इस औरत से ये मिलने भी जाते है और लाखों रुपए उस पर खर्च कर के आ जाते है।
महिला के मुताबिक साबिर का आगामी दो-तीन माह में सेवानिवृत हो जाएगे। इसके बाद हमारा क्या होगा ये सोच कर हम चिंतित है। महिला का आरोप है कि उसका पति मोहल्ले में कहता है कि माँ-बेटे को सडक़ पर ला दूगा और मकान भी बेच दूगा और कही चला जाऊगा।
महिला ने कलेक्टर से खुद के व बच्चों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाने की मांग की है।
