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फर्जी दस्तावेजों से हड़पी जमीन का नामातंरण निरस्त होगा

रतलाम
इन्दौर निवासी जिंदा बुजुग महिला को कागजों पर मृत बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने के मामले में नया मोड़ आया है। न्यायालय ने फरियादी की अपील स्वीकार करते हुए इस जमीन को लेकर तहसील कार्यालय से दिया गया नामातंरण निरस्त करने के आदेश दिए है। एसडीएम स्तर से अब नामातरंण निरस्त किया जा रहा है। इसी फर्जीवाड़े की जांच पुलिस भी कर रही है। इस मामले को सबसे पहले राज एक्सप्रेस ने विगत 28 जनवरी को उजागर किया था, जिसके बाद जिम्मेदार हरकत में आए और अब जमीन पुन: असल वारिश को सौपे जाने की तैयारी की जा रही है।
मामला श्रीमती जरनेल कौर पति स्व.देशराज मान निवासी आंनदवन आईडीए बिल्डिग, अग्रवाल स्कूल के पास की जमीन से जुड़ा हुआ है। वर्षो पूर्व इन्होने रतलाम के ग्राम तितरी में एक जमीन खरीदी थी, उसके बाद ये अपने परिवार के साथ पटियाला के ग्राम भमाना पट्टी तहसील समाना चली गई थी। जरनेल कौर और इनके परिजन इस बात से निश्ंिचत थे कि उनकी रतलाम में एक जमीन रखी हुई है। कुछ सालों ये पटियाला में रहने के बाद इन्दौर आकर रहने लगी। पिछले साल जब इन्होने जमीन की खोजबीन की तो पता चला कि इनकी जमीन भूमि खसरा नम्बर-385,1 रकबा 0.500 अमित पिता विजय सेठी निवासी विक्रम मार्ग खाचरौद ने खरीद ली है। जब जरनेल कौर ने इस मामले की और जानकारी निकाली तो पता चला कि जमीन को बेचने वाला शास्त्रीनगर निवासी हरमीतसिंह ओबेराँय और इसका परिवार है।
अपनी जमीन बिक जाने की खबर के बाद जरनेल कौर ने इन्दौर के अभिभाषक राजेन्द्र कुमार गुप्ता से सम्पर्क कर पूरे मामले की पड़ताल कराई तो कई चौकाने वाले मामले सामने आए है। जमीन को हड़पने के लिए हुए इस फर्जीवाड़े में करीब दर्जनभर दोषी रडार पर बताए जाते है। इसी मामले की शिकायत रतलाम कलेक्टर और एसपी को भी की गई थी। जहां दोनो तरफ से जांच जारी है और आनेवाले दिनों में दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज होगा।
13 नवम्बर 2021 को जरनेल कौर को मार दिया
वर्षो से खाली पड़ी इस जमीन पर रतलाम के शातिर हरमीतसिंह ओबेराँय की नजर पड़ी तो इसने जमीन को हड़पने के लिए षडय़ंत्र रचना शुरु कर दिया। इसने सबसे पहले जरनेल कौर को मरा हुआ साबित करने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराया जिसमे जनरेल कौर की मौत रतलाम के शास्त्रीनगर स्थित हरमीत ओबेराँय के घर में 13 नवम्बर 2021 को होना बताई गई। इसके पूर्व हरमीतसिंह ने जरनेल कौर के नाम से एक नोटरीयुक्त वसीयत भी 23 अक्टूबर 2019 को बनवा कर रख ली। इस वसीयत में जनरेल कौर का निवास शास्त्रीनगर रतलाम बताया गया।
कभी चाची तो कभी बताया बुआ
जिंदा बुजुर्ग जरनेल कौर को मरा बता कर जमीन पर कब्जा करने वाले हरमीतसिंह ओबेराँय और इसके गिरोह ने बड़ी ही चालाकी से वसीयतनामा, मृत्यु प्रमाण आदि बनवा कर जमीन अपने नाम करा ली। इसने जो दस्तावेज अलग-अलग विभागों में नामातंरण के लिए प्रस्तुत किए है। उसमें इसने जरनेल कौर को कभी अपनी बुआ तो कभी चाची बताया है। अपने फरियादी के अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार गुप्ता और प्रणव व्यास के माध्यम से रतलाम के जिला और पुलिस प्रशासन को शिकायत कराने वाले जरनेल कौर के अनुसार इस पूरे षडय़ंत्र में हरमीतसिंह ओबेराँय की पत्नी हरप्रीत कौर, इनका बेटा बलप्रीतसिंह ओबेराँय सहित गवाह के रुप में आधा दर्जन लोग शामिल है। हरमीतसिंह ने जमीन हड़पने के लिए जो रजिस्ट्री में जरनेल कौर को बुआ बताया है, जबकि नामातंरण के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में इन्हे चाची बताया है।
अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार गुप्ता (एलएलबी, एलएलएम) ने बताया कि हरमीतसिंह द्वारा भ्रष्ट सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों से साठगांठ कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। नायब तहसीलदार (रतलाम शहर पश्चिम भाग) ने भूमि का नामातंरण आदेश 21 जून 2024 को आपराधिक साजिशकर्ता हरमीतसिंह के पक्ष में जारी कर दिया। इसके पहले नायब तहसीलदार ने वैधानिक प्रक्रिया का पालन नही किया और मुझे इस बारे में रजिस्टर्ड डाक से सूचना भी नही दी। इस तरह का आदेश देने से पहले दस्तावेजों का भी अवलोकन नही किया।

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