क्राइम
आईएएस की तैयारी कर रही महिला सफाईकर्मी 3 लाख की रिश्वत लेते धराई


कुछ सालों पहले एसडीएम बनने के लिए आरएएस की परीक्षा होने के बाद भी आईएएस बनने की तैयारी कर सफाईकर्मी के पद पर ही कार्य कर रही एक महिला सफाईकर्मी को एसीबी की टीम ने तीन लाख की रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया है। इस रिश्वतखोरी के दौरान इनका बेटा व एक अन्य भी हिरासत में आए है।
मामला राजस्थान के जयपुर का है जहां जयपुर हेरीटेज में तैनात सफाईकर्मी आशा कंडारा को एसीबी ने घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एसीबीके डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा के अनुसार आरोप है कि आशा कंडारा सफाई कर्मियों की भर्ती करवाने के नाम पर लोगों से रिश्वत लेती हैं।
टीम को सूचना मिली थी कि आशा कंडारा, उनका बेटा ऋषभ और दलाल योगेंद्र, सफाईकर्मियों की भर्ती के नाम पर लोगों से रुपए ऐंठ रहे हैं. इस सूचना के आधार पर पाली के बर इलाके से आशा कंडारा के बेटे ऋषभ और दलाल योगेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया. एसीबी की टीम ने आशा कंडारा की कार की तलाशी में पौने दो लाख रुपए नकद बरामद किए है।
जानकारों के अनुसार बीति रात आशा कंडारा जयपुर से निकली थी. पाली के पास होटल शीतल में आशा कंडारा का बेटा ऋषभ और योगेंद्र चौधरी पैसे लेकर रुके हुए थे. आशा कंडारा होटल पहुंची तो एसीबी की टीम ने दबिश दी और तीनों को मौके से गिरफ्तार किया. एसीबी की पूछताछ में आशा ने बताया कि सफाईकर्मी की भर्ती का सौदा 3 लाख 30 हजार रुपए में किया जाता है
बताया जाता है कि साल 2021 में राजस्थान में एक महिला सफाईकर्मी ने क्र्रस् की परीक्षा पास की. लेकिन उन्होंने उस समय अधिकारी की नौकरी ज्वाइन नहीं की. वह बतौर सफाईकर्मी ही अपनी सेवाएं देने लगीं. इस कारण वह खूब चर्चा में भी रही थीं।
आशा ने सफाईकर्मी की भर्ती परीक्षा दी. उन्होंने साल 2018 में आरएएस की भी परीक्षा दी. 12 दिन के बाद ही आशा का चयन सफाईकर्मी के पद पर हो गया. आशा ने ये नौकरी ज्वाइन कर ली. उसके दो साल बाद जब आरएएस परीक्षा का रिजल्ट आया तो आशा कंडारा का इसमें भी चयन हो गया था. उनकी 728वीं रैंक आई थी. लेकिन उन्हें एसडीएम बनना था. जबकि रैंक के हिसाब से उन्हें इंस्पेक्टर का पद मिल रहा था. इसलिए उन्होंने यह नौकरी ज्वाइन नहीं की सफाईकर्मी ही बनी रही। आशा ने उस समय बताया था कि वह आईएएस बनना चाहती हैं और यूपीएससी की तैयारी भी कर रही हैं।
