क्राइम

कंरट लगने से गाय की मौत, मालिक पर प्रकरण दर्ज हुआ

रतलाम
शहर के ज्योति नगर संत रविदास चौराहा पर गत 30 मई को गाय की करंट लगने से हुई मौत के मामले में थाना माणकचौक पुलिस ने गाय मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। गौ माता की मौत के बाद कुछ संगठनों ने चार घंटे चक्काजाम किया था, जिसके बाद नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले की शिकायत थाना माणकचौक में की थी। इसी शिकायत पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गत 30 मई को ज्योति नगर संत रविदास चौराहा रतलाम पर गाय की करंट लगने से मृत्यु हो गई है , जिससे वंहा के निवासीयों द्वारा करीब 04 घन्टे तक संत रविदास चौक पर चक्काजाम किया गया । चक्काजाम करने वाले निवासियो से पूछताछ करने पर बताया गया कि मृतक गाय सुरेश पिता बाबुलाल राठौर निवासी ओझाखाली रतलाम के द्वारा आवारा छोड दिया गया , जिससे गाय की करंट लगने से मृत्यु हो गई ।
इस जानकारी के बाद नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी राजेन्द्रसिंह पंवार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर हुई जांच के बाद पशु पालक सुरेश पिता बाबुलाल राठौर निवासी ओझाखाली के खिलाफ पशुओ के प्रति क्रूरता का निवारण अधि.1960 की धारा में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
विगत दिनों स्वास्थ्य अधिकारी ने एसपी के नाम पत्र लिख कर उन बड़े पशु पालकों का नाम भी उजागर किया था, जो अक्सर अपने पशुधन को शहर की सडक़ों पर खुला छोड़ देते है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। इन पशु पालकों में सुरेश पिता बाबुलाल राठौर निवासी-ओझाखाली,ओम पिता सुनील राठौर निवासी संत रविदास चौक तेजाजी मंदिर के सामने,संजय मोर्य उर्फ छज्जु निवासी नाहर पब्लिक स्कुल के पास ज्योति नगर,राहूल पिता गोवर्धन यादव निवासी-4 टाटा नगर,भरत यादव निवासी 4, पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने दरगाह के पास,राधेश्याम पिता मोहन गुर्जर निवासी-धबाईजी का वास,आबिद पिता लाला भाटी निवासी-धबाईजी का वास,सुनील गुर्जर निवासी-धबाईजी का वास,कमल गवली निवासी मेन रोड़ लक्कड़पीठा बाजना बस स्टेण्ड, कमल गोसी पिता छोटे खान निवासी कस्तुरबा नगर मेन रोड़ विरियाखेडी के नाम शामिल है। निगम के अमले ने कई मर्तबा इनके पशुओं को पकडऩे का भी प्रयास किया, मगर इनमें से कुछ पशु पालक शासकीय कार्य में बांधा पहुचा कर निगमकर्मियों से मारपीट करने लगते है।
पशुओं के मामले में पूर्व कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला रतलाम राजेश बाथम ने एतद् द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण रतलाम जिले की सीमांतर्गत आगामी आदेश तक यह प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किया था कि कोई भी व्यक्ति / पशुपालक द्वारा अपने गौवंश या अन्य मवेशियों को जानबूझकर अथवा उपेक्षापूर्वक सार्वजनिक सडक अथवा स्थान पर खुला छोड़ा जाता है तो संबंधित व्यक्ति / पशुपालक के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।

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