क्राइम
दर्दनाक: जहां रहते थे, उसी घर में बन गई परिवार की समाधी
पति,पत्नि और मासूम बच्ची की मौत, मां भी हुई जख्मी

पति,पत्नि, बच्ची और बुजुर्ग मां के साथ किराए के घर में रहने वाला दिलीप गौड़ समारोह में झालर लगाने का काम करता और इसकी बीवी चांदनी भी घर चलाने के लिए लोगों के घरों में झाड़ू पोछा किया करती थी। रविवार रात सभी भोजन कर सो गए, मगर उन्हे नही पता था कि सोमवार सूरज ये नही देख पाएगे। आज तडक़े भरभरा कर गिरे मकान में दब कर तीनों की मौत हो गई और चांदनी की सास भी घायल हुई है।
मामला देवरिया के अंसारी रोड़ से आया है। जहां आज तडक़े मकान गिरने से दिलीप, चांदनी और दो साल की बेटी पायल की मौत हो गई है। जब मकान गिरा उस दौरान दिलीप की मां लघुशंका के लिए मकान के समीप गई थी। जिससे इनकी जान बच गई। बताया जाता है कि कुलदीप नामक व्यक्ति के बड़े मकान में चार परिवार रहते है। मगर दिलीप के मकान का हिस्सा गिरने से परिवार पूरी तरह से खत्म हो गया।
