“खदान”निरस्त करा कर “बैदिल” वालों ने दुखाया था “अनुज” का “दिल”
पूर्व गृह मंञी ने शोकसभा में उजागर किया पोरवाल परिवार पर हुए हुए वज्रपात का कारण

रतलाम। आज शहर स्तब्ध है, खासकर वो लोग ज्यादा दुखी है जो नगर निगम परिषद के पूर्व अध्यक्ष भाई दिनेश पोरवाल से खासा वास्ता रखते है या उन्हे और उनके परिवार को वर्षो से स्नेह करते आए है। आज सुबह दिनेश पोरवाल के परिवार और उनके चाहने वालों पर वज्रपात हुआ और बुरी खबर ये आई कि इनका जवान पुत्र अनुज अब इस दुनिया में नही रहा। अनुज स्वयं ह्दय की बीमारी से ग्रस्त था। उसे इलाज के लिए चैन्नई और दिल्ली के लिए ले जाने की तैयारी चल रही थी। मगर अनुज पिछले कुछ दिनों से दुखी था।
अनुज के दुख और दिल को दुखाने वाले उसके या उसके पिता के अपने ही थे। खदान व्यापार से वर्षो से जुड़े दिनेश पोरवाल और अनुज की खदान इस मर्तबा निरस्त कर दी गई। खदान निरस्ति की इस कार्रवाई को लेकर दिनेश पोरवाल के परिवार में अनुज कुछ ज्यादा ही परेशान नजर आता था।
अनुज की अंतिम यात्रा में हर वर्ग के अनेक लोग शामिल हुए। जब शोक सभा रखी गई तो अनुज के असली दुख और दिल को दर्द देने वाला उक्त कारण पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री हिम्मत कोठारी ने रुघे गले से उजागर किया है। उन्होने कहां कि राजनीति में सब कुछ करो, मगर किसी की रोजी रोटी से खिलवाड़ करने का प्रयास मत करो। उन्होने कहां कि मैने भी वर्षो तक राजनीति की है, मगर किसी के व्यापार और रोजगार को ठेस नही पहुचाई है। किसी दुश्मन के व्यापार और रोजगार को नुकसान पहुचाना पाप है। इसे किसी धर्म और मजहब में सही नही माना गया है।
दिनेश और अनुज की खदान को निरस्त कराने वाले कोई गेर नही बल्कि अपने ही है जो आपसी देषभाव की भावना से नुकसान पहुचाते है।
श्री कोठारी की बात को आगे बढ़ाते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री शरद जोशी ने भी कहां कि किसी की रोजी रोजगार से खिलवाड़ करना सही नही है। उन्होने कहां कि कुछ समय पहले दिनेश पोरवाल ने खदान निरस्त किए जाने के कारण मुझे भी बताए थे, जिससे पता चला था कि यह कार्रवाई बदले की भावना जैसी है। मैने वरिष्ठों से चर्चा भी की थी, मगर किसी तरह का सार नही निकल पाया था।
शोक सभा को महापौर प्रहलाद पटेल, पूर्व महापौर व विधायक पारसदादा सकलेचा, भाजपा नेता मनोहर पोरवाल और पोरवाल समाज के वरिष्ठों ने भी संबोधित किया।
बहरहाल अनुज का असमय दुनिया से यू चले जाना दुखदाई है और ये दुख वर्षो तक दिनों में घर बनाए रखेगा। पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने खदान निरस्ती और अनुज के दुख की सच्चाई बताकर शोक सभा में उपस्थित सभी जनों से आव्हान भी किया है कि सब कुछ करना मगर किसी के रोजी रोजगार के साथ खिलवाड़ मत करना।
