19 साल के छात्र ने नीट परीक्षा का फर्जी पेपर तैयार कर अवैध लाभ कमाया

रतलाम
जहां एक और नीट परीक्षा में पेपर लिक होने के मामले में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है, वही इन्दौर के शक्करखेड़ी इलाके में रहने वाले लाँ कालेज में प्रथम वर्ष के छात्र 19 साल के एक लडक़े ने नीट परीक्षा का फर्जी पेपर तैयार कर इसकी पीडीएफ सोशल मीडिया पर डाल कर अवैध तरीके से आर्थिक लाभ कमाने का कारनामा किया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद इन्दौर क्राईम ब्रांच ने फर्जीवाड़ा करने वाले युवक पर कार्रवाई की है।
पुलिस को शिकायत मिली थी कि नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर इसकी पीडीएफ विभिन्न सोशल मीडिया पर अपलोड की है। क्राईम ब्रांच की पड़ताल में पता चला कि शक्करखेड़ी इन्दौर निवासी संदेही अक्षय मालवीय ने अपनी आईडी से इंस्टाग्राम पर पेपर अपलोड किया है। इस जानकारी के बाद संदेही अक्षय को पूछताछ के लिए लाया गया तो इसने अपने मोटोरोला मोबाईल से यह कृत्य किया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि संदेही ने चेट जीपीटी से प्रश्नपत्र बनाकर इलेक्ट्रानिक माध्यम से लोगों को भेज कर अनुचित लाभ कमाया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चैट जीपीटी के माध्यम से री-नीट 2026 का फर्जी पेपर तैयार किया था. प्रारंभिक तौर पर साने आया कि उसने कई अभ्यर्थियों को यह पेपर बेचा है।
पुलिस ने संदेही अक्षय पिता महेन्द्र मोहन मालवीय के मोबाईल नम्बरों सहित वित्तीय लेनदेन के माध्यमों की बारिकी से जांच कर पाया कि इसने नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र को अपलोड कर गलत प्रसार किया है। इसका यह कृत्य, कुछ व्यक्तियों के साथ छलपूर्वक धन प्राप्त करने तथा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अवैध गतिविधि संचालित पाये जाने से आरोपी अक्षय के विरुद्ध धारा 318(4), बीएनएस ,66(डी) आईटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है ।
