5 लाख रुपए में थाना गिरवी रखने के मामले में 19 गिरफ्तार

उत्तरप्रदेश के कुछ थाने और चौकियों को हर दिन पांच लाख रुपए में गिरवी रख कर वसूली करने के मामले में अब तक 19 लोग गिरफ्तार किए जा चुके है। इनमें पुलिस और इनके दलाल शामिल है। इसका मुखिया सरगना पन्नेलाल था, जिसने सरेडंर किया है। ट्रक वालों से मारपीट कर वसूली करने वाले 16 दलालों के साथ ही इसी मामले में डीआईजी-एडीजी की संस्तुति पर राज्य सरकार ने बलिया के तत्कालीन एसपी डीआर और सीओ को हटा दिया था.
उत्तर प्रदेश के बलिया में नरही थाने के कोतवाल पन्नेलाल को सरेंडर करना ही पड़ा. आजमगढ़ एसओजी की टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके घर पहुंच गई थी. ने स्वयं को घिरता देखकर इंस्पेक्टर पन्नेलाल ने हाथ उठा दिए।
वसूली कांड में फरार चल रहे इंस्पेक्टर पन्नेलाल ने गोरखपुर में सरेंडर कर दिया. एडीजी के आदेश पर इंस्पेक्टर के खिलाफ उसके ही थाने नरही में मुकदमा दर्ज किया था. उस समय एडीजी डीआईजी की टीम ने दो पुलिस कर्मियों व 16 दलालों को अरेस्ट किया था. अब इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कुल 19 लोग अरेस्ट हो चुके हैं।
डीआईजी वैभव कृष्ण के मुताबिक आज इंस्पेक्टर को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा. इसी मामले में एसओजी की टीम ने मौके से फरार हुए सिपाही विष्णु यादव को भी अरेस्ट कर लिया है.
इंस्पेक्टर पन्नेलाल को जांच टीम वसूली कांड का मुखिया मान रही है. इंस्पेक्टर पन्नेलाल के सिर पर कई बड़े लोगों का हाथ था और इस वसूली से होने वाली कमाई में उन्हें भी अच्छी खासी हिस्सेदारी मिल रही थी. डीआईजी वैभव कृष्ण के मुताबिक दबिश के दौरान वसूली कांड का खुलासा होने के साथ ही इंस्पेक्टर पन्नेलाल को निलंबित कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था.
मूलरूप से गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में भरसी गांव के रहने वाला इंस्पेक्टर पन्ने लाल साल 2012 बैच में दरोगा बना था और महज पांच साल की नौकरी के दौरान ही प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बन गया. वह कई अन्य थानों में भी तैनात रहा, लेकिन अगस्त 2022 में उसे नरही थाने की थानेदारी मिली थी. तब से निलंबन होने तक वह इसी थाने में तैनात रहा. डीआईजी वैभव कृष्ण के मुताबिक नरही थाने में वसूली का खेल काफी समय से चल रहा था.।

