सरकार ने कोर्ट से कुत्तों को मारने की अनुमति मांगी
सरकार ने बताया कि बीते 5 साल में 8 लाख लोगों को अपना शिकार बना चुके है कुत्ते

आवारा और हिंसक कुत्तों से हर कोई परेशान है। इस मामले में शासन-प्रशासन जनता विशेषकर बच्चों को कुत्तों के हमलों से बचाने के लिए कुछ करना चाहता है, मगर कुछ कुत्ताप्रेमी हर मर्तबा किसी न किसी दलील को प्रस्तुत कर कुत्ता उन्मूलन कार्यक्रम को फेल कर देते है। ऐसे में कुत्तों का आंतक बरकरार है। ऐसी समस्या से जूझ रही केरल की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर आवारा और हिंसक प्रवृत्ति के कुत्तों को जान से मारने की इजाजत मांगी है. केरल सरकार ने अपने हलफनामें में बताया कि बीते 5 सालों में 8 लाख लोगों को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आवारा कुत्तों को ट्रैक करने के लिए चिप्स लगाने का भी सुझाव दिया.
केरल के मंत्री एमबी राजेश ने कहा कि 20 सितंबर से 20 अक्टूबर तक कुत्तों का टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्थिति वास्तव में गंभीर है. हमने बढ़ते कुत्ते के काटने के मामलों को रोकने के लिए कई योजनाएं तैयार करने का फैसला किया है.
हलफनामें में बताया गया कि इस साल ही केरल में लगभग सवा लाख लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा है. केरल की सरकार ने रेबीज जैसे खतरनाक रोग से संक्रमित कुत्तों को भी जान से मारने की अनुमति मांगी है. साल 2022 के अगस्त महीने तक रेबीज के चलते 14 मौत के मामले सामने आए हैं.
