विधायको के बगावती तेवर पर आलाकमान नाराज, संकट में अशोक गेहलोत
राजस्थान के 80 से ज्यादा विधायकों ने दिए इस्तीफे, रखी गई तीन शर्ते

कल तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में शामिल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अब आलाकमान की भारी नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। 80 से ज्यादा विधायकों ने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष को सौप कर आलाकमान के सामने तीन शर्ते रखते हुए बगावत का बिगुल बजा दिया है। उधर केरल में पदयात्रा कर रहे राहुल गांधी ने भी अशोक गहलोत की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है।
बताया जाता है कि अशोक गहलोत खेमे की तीनों शर्तें हाईकमान को मंजूर नहीं है। जिस तरह से तीनों शर्तें रखी गई है, उससे यह माना जा रहा है कि विधायकों की इस बगावत के सूत्रधार खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही हैं।
विधायकों ने जो तीन शर्त आलाकमान के सामने रखी है उसमें पहली और सबसे बड़ी शर्त यही है कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री न बनाया जाए। उन्होंने साल 2020 में बगावत की थी। मुख्यमंत्री उन 102 विधायकों में से किसी एक को बनाया जाए जो संकट के दौरान सरकार के साथ थे। विधायकों की दूसरी शर्त है कि नए मुख्यमंत्री का फैसला 19 अक्टूबर के बाद किया जाए जब अशोक गहलोत अध्यक्ष बन जाएं। इसके बाद ही गहलोत मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देंगे। तीसरी शर्त है कि गहलोत को सीएम बने रहने का विकल्प दिया जाए। यानि की कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ ही गहलोत मुख्यंत्री भी बने रहें।
