फैसला: पराए मर्द के साथ रहने वाली महिला को भरण पोषण अधिकार नही
एडीजे कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटा, अपील भी खारिज की

लखनऊ की एक कोर्ट ने पति को छोड़ कर गैर मर्द के साथ रहने वाली एक महिला की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें महिला ने अपने पति से भरण पोषण के रुप में 12 हजार रुपए की मांग रखी थी। एडीजे कोर्ट ने निचली अदालत के एक फैसले को पलटते हुए कहा कि गैर मर्द के साथ रह रही महिला अपने पति से भरण पोषण पाने की हकदार नहीं है।
मिली जानकारी के अनुसार गौरव शुक्ला का विवाह वर्ष 2011 में प्रिंयका नामक युवती के साथ हुआ था। इसके बाद प्रियंका के सुचित सेठ नामक युवक से संबध बन गए थे। इसी बात को लेकर पति पत्नि के बीच विवाद हुआ और मामला थाने तक पहुचा था। इसके बाद प्रिंयका ने घरेलू हिंसा का मुकद्मा लगाया और पति से भरण पोषण की अपील भी अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में दायर करवाई थी। घरेलू हिंसा के एक मामले में निचली अदालत द्वारा पत्नी को भरण पोषण दिए जाने के आदेश के खिलाफ दायर अपील को एडीजे विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने स्वीकार कर ली। इधर एडीजे
कोर्ट ने निचली अदालत के भरण-पोषण के आदेश को खारिज करते हुए कहा है कि यदि महिला गैर मर्द के साथ रह रही है तो वह अपने पति से भरण-पोषण पाने की अधिकारिणी नहीं होगी।
