कुतुब मीनार पर किसका हक ?: फैसले पर अगली सुनवाई 17 को
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 1960 में याचिका दाखिल की थी, मालिकाना हक के लिए याचिका दायर

कुतुब मीनार पर मालिकाना हक और यहां अन्य देव स्थान होने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मालिकाना हक वाली याचिका पर दिल्ली के साकेत कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए सुनवाई की अगली तारिख 17 सितम्ब मुर्करर की है।
गौरतलब है कि महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह ने कुतुब मीनार पर अपने मालिकाना हक को लेकर कोर्ट में याचिका दर्ज की है। इनके वकील एमएल शर्मा ने कहा कि सरकार ने 1947 में बिना हमारी इजाजत के पूरी प्रॉपर्टी अपने कब्जे में ले ली थी। कोर्ट में दलील दी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 1960 में याचिका दाखिल की थी, जो अब तक लंबित है।
इसी बीच एक और पक्ष कुतुब मीनार पर दावेदार कर रहा है। उनका कहना है कि यह ऐतिहासिक इमारत जैन मंदिर और हिन्दू मंदिर तोडक़र बनाई गई है। उधर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया था कि कुतुब मीनार हिंदू शासक के समय में भगवान विष्णु के मंदिर पर बनाया गया था। 
