
देशभर के राज्यों में महिलाओं के साथ हुए रेप और बाल शोषण की घटनाओं को लेकर एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) ने रिपोर्ट जारी की है। जिसमें मध्यप्रदेश को अव्वल स्थान पर होना बताया है।
रिपोर्ट की मुताबिक प्रदेश में साल 2021 में 1093 रेप की मामले दर्ज किए गए. वहीं बच्चों के खिलाफ हुए अपराधों में ढ्ढक्कष्ट और स्पेशल लोकल लॉ के तहत दर्ज मामलों में भी 2021 में बढ़ोतरी हुई है. जबकि प्रदेश में साल 2019 में 5 हजार 665, 2020 में 5 हजार 56 और 2021 में 6 हजार 01 मामले दर्ज किए गए थे. यानि कि साल 2021 में बच्चों के खिलाफ भी अपराध बढ़ा है.
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक रेप के ही मामलों में राजस्थान में सबसे अव्वल है, वहां 6 हजार 337 प्रकरण हुए है। इसी तरह मध्यप्रदेश 2 हजार 947 मामलों के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश 2 हजार 845 के साथ तीसरे स्थान पर है.
वहीं अन्य राज्यों पर नजर डालें तो महाराष्ट्र में 2496, दिल्ली में 1250 बंगाल में 1123, हरियाणा में 1716 असम में 1733 रेप केस हुए हैं. लद्दाख में सबसे कम दो रेप केस का आंकड़ा एनसीआरबी ने बताया है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 2021 में हुए अपराध को लेकर रिपोर्ट जारी की है. जिसमें मध्य प्रदेश बच्चों के यौन शोषण के मामले में सबसे टॉप पर है। बताया जाता है कि एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में देश भर में बाल यौन शोषण के कुल 33 हजार 36 मामले सामने आए थे. इनमें से अकेले एमपी में ही 3515 मामले थे. इसी प्रकार महिलाओं से कुल ज्यादती के मामलों (इनमें बालिग, बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल) की संख्या भी मध्यप्रदेश में ही सर्वाधिक 6 हजार 462 है।
बहरहाल बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं और महिला सुरक्षा के नाम पर तमाम महकमा केन्द्र व राज्य सरकारों की योजनाओं का संचालन कर रहा है, मगर क्या इन योजनाओं, घोषणाओं और सुरक्षा के दांवों के बीच एनसीआरपी के आंकड़े चौकाने वाले होकर महिला और बेटी सुरक्षा की पोल खोल रहे है।
