पेट्रोल तेरी बढ़ती उमर को सलाम . . .
रामगढ़ में देर रात तक लगे ठहाके, कवियों ने अपनी रचनाओं से खुब दाद बटौरी

रतलाम नगर निगम द्वारा 3 से 5 सितम्बर तक रामगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय तेजाजी मेले का शुभारंभ उपस्थित नागरिकों ने विधिवत् पूजा-अर्चना कर किया।
इस अवसर पर नगर निगम सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविताओं का पाठ कर श्रोताओं की दाद बटौरी।
प्रतापगढ़ से आये कवि श्री पार्थ नवीन ने अपनी सुनाते हुए कहा –
सौ रूपये के एक लीटर को सलाम।
पेट्रोल तेरी बढ़ती उमर को सलाम।।
ऐ तेल लेले टूटी कमर से सलाम।
जनता तेरी टूटी कमर को सलाम।।
सरकारों की बढ़ती दर को सलाम।
राजगढ़ से आये कवि श्री चेतन शर्मा ने अपनी कविता सुनाते हुए कहा कि –
मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे पर माथा टेक नहीं पाते।
अध्र्य किसे दे महिनों तक वो सूरज देख नहीं पाते।।
एक नहीं दो नहीं वो आठों याम मानकर बैठे हैं।
अमर तिरंगे को ही चारो धाम मानकर बैठे हैं।।
देश की राजधानी दिल्ली से कवियत्री रजनी अवनी ने अपनी कविता में कुछ यूं कहा –
न राधा हॅूं न मीरा हूॅं इसे स्वीकार करती हूॅं।
मगर हर क्षण में मोहन मैं तेरा दीदार करती हूॅं।।
मेरी ऑंखो की भाषा ही मेरे मन की भी भाषा है।
कभी फुरसत में पढ़ लेना यही मनुहार करती हूॅं।।
धार से आये हास्य कवि लोकेश जडिय़ा ने अपनी कविता में कुछ यूं कहा –
हंस लीजिए गा लीजिए।
खोई हुई खुशियों को फिर से पा लीजिए।।
जिंदगी उधड़ती चादर को खुशियों के धागों से पी लीजिए।
मरना तो एक दिन सभी को है साहब।।
मरने से पहले जिंदगी जी लीजिये।
हास्य कवि वाहे गुरू भाटिया मुम्बई व मुन्ना बैट्री मंदसौर धार से आये कवि संदीप शर्मा ने अपने हास्य कविता के माध्यम जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी घटनाऐं सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया।
