क्राइम

बगैर बीमा वाहन चलाया तो 1000 हजार का जुर्माना होगा

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने सडक़ सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों में वाहन बीमा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। हाल के वर्षों में सडक़ दुर्घटनाओं और उनसे जुड़ी आर्थिक एवं कानूनी जटिलताओं में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह सलाह नागरिकों की सुरक्षा और हितों को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।
बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है। सडक़ दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।
थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।
सडक़ दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोडफ़ोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।
कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।
पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988), बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है। सडक़ दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीडि़त की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है। सडक़ दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीडि़त की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा। किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सडक़ दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा। मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

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