सात साल पहले पुलिसकर्मी के आभूषण चोरी करने वाला गिरोह धराया

रतलाम
शहर के प्रतापनगर ब्रिज के निकट बने आंनद पैलेस में पुलिसकर्मी के परिवार में आयोजित विवाह समारोह से आभूषण व जेवर से भरा बैग चोरी करने वाले सांसी गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन पांच आरोपियों पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आंनद कालोनी स्थित पुलिस लाईन में रहने वाले पुलिसकर्मी सुभाषजी की बेटी का विवाह 8 मार्च 2019 को आंनद पैलेस में आयोजित हो रहा था। इसी दौरान रात लगभग 11 बजे परिजन सामूहिक फोटो खिचा रहे थे। इसी समय बेटी की सहेली नीलम के पास एक बैग में नकदी 40 हजार रुपए, विवाह समारोह में आए जेवर व रुपए आदि रखे हुए थे। इसी बैंग में एक सोने शिश पट्टी सोने,एक आड,दो जोड़ी कान के लटकन,एक जोड़ी टाप्स,एक जोड़ी लोग जेन्स, चार जोड़ी पाटली, एक माथरिया सोने का,चांदी का कंदौरा,पांच जोड़ पायजब, दो नाक के कांटे, सोने की नथ,सोने का कंठा सहित अनेक जैवर और जिओं और ओपों कंपनी के दो मोबाईल भी थे। ये सभी समान से भरा बेंग फोटो शूट के समय चोरी हो गया था।
पुलिसकर्मी के यहां हुई चोरी की इस वारदात को शातिर सांसी गिरोह ने अंजाम दिया था। जिसके सदस्यों को पकडऩे के लिए पुलिस ने 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था। इधर जिले में विभिन्न प्रकरणों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के त्वरित निराकरण हेतु पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा विशेष अभियान ऑपरेशन क्लीन संचालित किया जा रहा है।
इसी के चलते नगर पुलिस अधीक्षक अजय सारवान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी स्टेशन रोड निरीक्षक जितेंद्र पाल सिंह जादौन के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए कुख्यात कडिय़ां सांसी गिरोह के 07 वर्षों से फरार चल रहे 25,000 रुपए के इनामी 05 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है।
गिरफ्तार मोहरसिंह पिता नन्दनसिंह सासी, बबलु उर्फ बब्बु पिता सुमेरसिंह सासी, कृष्णाबाई पति वीरु सासी, कोहिनूर पिता मोहरसिंह निवासी ग्राम कडिय़ा थाना बोडा जिला राजगढ, मिनाक्षी पति बबलू उर्फ बब्बू उम्र 30 साल निवासी ग्राम गुलखेड़ी से पूछताछ के दौरान चोरी गए सोना-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। आरोपितों के कब्जे से एक जोड़ी सोने की हाथ की पाटली, एक जोड़ी सोने के कान के टाप्स, दो सोने के नाक के कांटे, एक सोने की सिर की माथरिया, एक सोने की नाक की नथनी, एक जोड़ी चांदी की पायजेब कुल जप्त मश्रुका की अनुमानित कीमत लगभग 6,50,000 रुपए है।
इस गिरोह पर शिकंजा कसते हुए रतलाम तक लाने और माल बरामदगी में उपनिरीक्षक मुकेश सस्तिया, उपनिरीक्षक जगदीश यादव, सउनि. प्रदीप शर्मा, सउनि. मांगीलाल भाटी, प्रधान आरक्षक दिनेश जाट, प्रधान आरक्षक हेमंत परमार, महिला आरक्षक सीमा दायमा, आरक्षक जितेंद्र चौधरी, आरक्षक प्रेमसिंह एवं साइबर सेल टीम की सराहनीय भूमिका रही है।
