6 माह का प्यार, शादी और तलाक की रजामंदी के बाद तेज हुई तकरार

रतलाम
दिल देकर दिल लेने वाले सच्चे प्रेमियों की दास्तान अब किताबी कहानी किस्सों में ही मिल करती है। इसके लिए बहुत पहले कहां भी जा तुका है कि ,, किताबों में छपते है, चाहत के किस्से, हकीकत की दुनिया में चाहत नही है। जमाने के बाजार में ये वो शय है, कि जिसकों किसी की जरुरत नही है। ये बेकार, बेदाम की चीज है, ये बस नाम की चीज है।
शहर के रेल नगर में रहने वाले एक युवक अजीत को किसी युवती से प्रेम हुआ और इसने 30 अप्रेल 2025 को प्रेम विवाह कर लिया। ये रिश्ता छह माह भी ढंग से नही चल पाया और 23 अक्टूबर 2025 को हुई घरेलू किचकिच के चलते दोनो अलग हो गए। अलग होते समय दोनो ने राजीमर्जी से तलाक लेने का निर्णय लिया था। मगर अजीत अब तलाक देने की बजाय अपनी छोड़ी हुई पत्नी को परेशान कर रहा है। मामला महिला थाने में शिकायत के साथ पहुचा है और पुलिस जांच कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार 30 अप्रेल को प्रेम विवाह करने के बाद दोनो पति पत्नी बनकर अजीत के घर में रहे। परिवार के साथ रहने में इन्हे कोई दिक्कत आई तो कई युवतियों की तरह इस युवती ने भी अलग मकान लेकर रहने की शर्त रख दी। अजीत ने जुलाई 2025 को अपने माता पिता का घर छोड़ दिया और इन्द्रलोक नगर में किराए का घर लेकर रहने लगा था।
मगर ससुराल छोडऩे के बाद भी अजीत और इसकी पत्नी के बीच चल रही खटपट कम नही हुई। अजीत का कहना था कि तेरे कहने पर मैने अपने माता पिता को छोड़ दिया, इसके बावजूद तू मेरे साथ ठीक से व्यवहार नही कर रही है।
इस खटपट ने 23 अक्टूबर 2025 को बड़ा रुप लिया और दोनो के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान युवती को कुछ चोटे भी आई और वह अजीत का घर छोडक़र अपने मायके आ गई। जाते जाते युवती अजीत को बोल गई थी वह अब तलाक लेगी। इस पर अजीत ने भी सहमति देते हुए तलाक के लिए हामी भरी थी। मगर बाद में अजीत मुकर गया। इधर तलाक नही मिलने पर बीते दिनों युवती ने महिला थाने में प्रवेश करते हुए शिकायत दर्ज कराई है कि मेरा पति मुझे तलाक नही दे रहा है और आए दिन परेशान करता है। मैने तलाक की उम्मीद पर आज 23 अक्टूबर 2025 को हुई मारपीट की रिपोर्ट दर्ज नही कराई थी, मगर अब अजीत के खिलाफ कार्रवाई कराना चाहती हू। पुलिस ने शिकायत दर्ज की है।
पुलिस की माने तो इस तरह की सत्यकथा आए दिन शिकायत के रुप में सामने आती है। युवा जोश में घर बाहर छोड़ कर रिश्ते तो बना लेते है, मगर ये ज्यादा दिन नही चल पाते है। ऐसे में युवाओं को अपना कदम हर तरह की समझ रखते हुए बढ़ाना चाहिए।
