बकरा बच गया, बच्चे की बलि चढ़ गई
फरसे का बेंत टूट कर चार साल के बच्चे पर गिरा, खुशी का माहौल गम में बदला

त्यौहार का उत्साह था, तमाम लोग एकत्र हुए और भोजन की तैयारियां की जा रही थी। दुर्गात्सव के अंतिम दिन तीन बकरों की बलि दी जाना था और दो बकरे काट दिए गए थे। तीसरे बकरे की बलि दी जाना था और जैसा ही फरसा उठाया वैसे ही फरसे का बेंत (धारदार मुहाना) छिटक कर एक चार साल के बच्चे पर जा गिरा जिसकी कुछ समय बाद मौत हो गई। खून से लथपथ पड़ी लाश को देख हर किसी के मुंह से चीत्कार निकल गई और देखते ही देखते खुशी का वातावरण पूरी तरह गम में बदल गया।
मामला झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत घाघरा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव का है। मृत मासूम बच्चे का नाम विमल उरांव है। उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि गांव के दुर्गा पूजा मंडप में परंपरा के अनुसार बकरों की बलि दी जा रही थी। दो बकरों की बलि दी जा चुकी थी। तीसरे बकरे की बलि के लिए जैसे ही बलुआ (धारदार हथियार) से बकरे की गर्दन पर प्रहार किया गया तो वह छिटककर भीड़ में खड़े दीपक उरांव के तीन वर्षीय पुत्र विमल उरांव की गर्दन पर जा लगा। जिससे इसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में कायमी कर जांच शुरु कर दी है।
