
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हम भारत के हैं. हमे एक होना है, हम भारत के पूर्वजों के हैं. हम चाहें खान-पान, संस्कृति के हिसाब से अलग हों, लेकिन समाज के लिहाज से एक हैं.
विजयदशमी के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने एकजुट होने का मंत्र दिया. भागवत ने कहा कि हमको अलग होना है, इस विचार ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है. भाई-भाई बिछड़ गए, धरती खो दी, इसलिए हमें एकजुट रहना है. हमें भारत होना है. उन्होंने कहा कि हम भारत के हैं. हम भारत के पूर्वजों के हैं. हम चाहें खान-पान, संस्कृति के हिसाब से अलग हों, लेकिन समाज के लिहाज से एक हैं.
