तंगहाली और तानों से तंग आकर माँ ने ही कर दी अपने 15 दिन के जुड़वा बच्चों की हत्या
पति बैरोजगार और जेठ की कमाई से होता है परिवार का गुजारा, इस पर जुड़वा बच्चों पर खर्च को लेकर हुआ था घर में विवाद

तानों का भय और तंगहाली के चलते भूख से परेशान एक मां ने अपने नवजात जुड़वा बच्चों की हत्या कर लाश को झाडिय़ों के बीच फेंक दिया था। पति छह माह से बैरोजगार होकर घर में बैठा हुआ था। घर का पूरा खर्च जेठ उठाता था। ऐसे में भोपाल की सपना को दो जुड़वा बच्चे हो गए तो ससुराल के सभी लोग उसे ताना मारते रहे कि पहले ही घर में आर्थिक तंगी है, कमाने वाला एक है और उस पर दो जुड़वा बच्चों का खर्च और जुड़ गया है, ऐसे में आने वाले दिनों में हम सब के भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। पुलिस के सामने आई इस कहानी के बाद हर सुनने वाले का दिल दुखी हुआ। तंगहाली और तानों के कारण अपनी ही कोख से जन्मे दो बच्चों को मौत के घाट उतारने वाली महिला अब आरोपित है।
भोपाल के चूना भट्टी इलाके के कोलार कॉलोनी बस्ती में रहने वाली सपना धाकड़ ने पिछले दिनों थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके जुड़वा बच्चे लापता हो गए है। पुलिस ने इस पर गुमशुदगी दर्ज कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज कर लिया था। सपना ने पुलिस को बताया था कि उसे बैरसिया अपने मायके जाना था। वह माता मंदिर होकर पैदल चलकर रंगमहल चौराहे पहुंची। वहां से उसके बच्चे गायब हो गए।
पुलिस को जब सपना के बयान और बातचीत के तरीके पर जब शक हुआ तो लगातार काउंसलिंग और विशेषज्ञों की मदद से पूछताछ की गई तो सपना टूट गई और उसने अपने 15 दिन के जुड़वा बेटों की हत्या करना कबूली। 23 सितंबर को बच्चे गायब हुए थे। तब पुलिस से सपना की शादी साल 2017 में बृजमोहन धाकड़ से हुई थी. हाल ही में जेपी अस्पताल में उसके जुड़वा बच्चे हुए थे।
सपना ने पुलिस को यह भी बताया कि पति बेरोजगार था. परिवार की जिम्मेदारी जेठ के ऊपर थी। जेठ परिवार का पालन पोषण कर रहा था। ससुराल पक्ष से कहता था कि पहले से एक लडक़ी है अपने परिवार का पेट गरीबी की वजह से नहीं पाल पा रहे हैं पति बेरोजगार है ऐसे में दोनों बच्चों को कैसे पालेंगे
