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जांच में नया मोड़: बाल रोग विशेषज्ञ डाँ.मनीषसिंह की लापरवाही से हुई थी सडक़ दुर्घटना

रतलाम (अनिल पांचाल)
शहर के बाल चिकित्सालय में पदस्थ डाँ.मनीषसिंह व इनके ससुर की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। गत 18 जुलाई को सडक़ हादसे में डाँ.मनीष व इनके ससुर की मौत हो गई थी, वही पत्नी,बच्चे,साली और साढ़ू गंभीर रुप से घायल हुए थे। बिलपांक पुलिस ने मर्ग पर जांच शुरु की तो परिजनों ने बताया कि नासिक (महाराष्ट्र) से रतलाम आते समय कार मनीषसिंह चला रहे थे। पुलिस ने इस बयान के बाद मृतक मनीषसिंह के खिलाफ ही प्रकरण दर्ज किया है। हादसे के बाद बताया जा रहा था कि कार मृतक का साढू अजय गुप्ता चला रहा था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मर्ग नम्बर 66-2026 पर बिलपांक थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक समसु गरवाल ने मामले की जांच के दौरान घायलों व परिजनों के बयान लिए थे।
जांच में बयान सामने आए है कि कार मृतक डाँ.मनीषसिंह चला रहे थे, और इनकी लापरवाही के चलते ही कार डिवाईडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हुई और दो लोगों की मौत के साथ ही कार में सवार अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित बयान आदि के बाद मनीषसिंह के खिलाफ कायमी की है।
मृतक डाँ.मनीषसिंह की पत्नी व स्वास्थ्य विभाग भोपाल में नर्सिग आँफिसर स्टेफी राजोरिया के अनुसार ये अपने मृतक पति मनीषसिंह पिता परमानंद (45 वर्ष) निवासी सागर ग्रीन हेल्थ कोलाहर के पास भोपाल हाल मुकाम 80 फीट रोड़ रतलाम, पिता मृतक शिवनारायण राजोरिया (80 वर्ष) निवासी कुम्भराज जिला गुना हाल मुकाम भोपाल, बच्चे रेनव व सनाया, बहन लवली राजोरिया व बहन के पति अजय गुप्ता के साथ हमारीफोर व्हीलर गाडी एमजी हेक्टर एमपी 04 सी0जेड0 5519 नासिक (महाराष्ट्र) से से लौट कर 80 फीट रोड़ स्थित मृतक डाँ. मनीषसिंह के घर आ रहे थे।
मृतक मनीषसिंह के अनुसार गाडी को मेरे पति मनीष सिह चला रहे थे उनकी बगल मे आगे वाली सीट पर मेरे पिताजी शिवनारायण बेठे थे मै और मेरी सिस्टर लवली राजोरिया और उनके पति अनुज गुप्ता हम तीनो बीच वाली सीट पर बेठे थे मेरे बच्चे रेनव और सेनाया सबसे पिछे वाली सीट पर बेठे थे मै सोई हुई थी 13 जुलाई की रात हमारी गाडी के टकराने से अचानक मेरे नींद खुली तो मेने देखा कि मेरे पति के सिर मे चोट होकर सिर से खून निकला हुआ था और वो कुछ बोल नही पा रहे थे उनकी वही पर डेथ हो गई थी और मेरे पापा शिवनारायण राजोरिया को भी चोट आकर वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इसी के साथ कार में सवार सभी को भी कुछ चोटे आई थी।
मौके पर आसपास वहा आसपास के वाहन वालो ने और एम्बुलेंस के चालक ने आकर हमे गाडी से बाहर निकाला और हमे मेडीकल कालेज रतलाम लेकर गये । जह पर मेरा मेरी बहन मेरे जीजाजी और मेरे दोनो बच्चो का और मेरे पापा का ईलाज हुआ था । मेरे पापा शिवनारायण का कुछ समय तक ईलाज चलने के बाद उनकी भी मौत हो गई थी मेरे पति डाँ. मनीषसिह और मेरे पापा शिवनारायण राजोरिया के जीएमसी रतलाम मे पोस्टमार्टम हुवे थे जिसके बाद मैने और मेरी सिस्टर लवली मेरे जीजाजी अनुज गुप्ता और मेरे दोनो बच्चो ने भोपाल प्राईवेट हास्पीटल मे अपना ईलाज कराया था ।
उक्त मामले में बिलपांक पुलिस ने सम्पुर्ण मर्ग जांच शव पंचायत नामा,पीएम रिपोर्ट,साक्षीगण कथन,आदी दस्तावेज के आधार पर मृतक डा0 मनीष कुमारसिह जो घटना व गाडी चला रहे थे उनकी उपेक्षा पूर्वक तरीके से गाडी चलाने से दुर्घटना घटित हुई है जांच से डाँ. मनीष कुमार सिह पिता परमानंद उम्र 45 साल निवासी सी /02 सागर ग्रीन हेल्थ कोलाहर के पास भोपाल हाल रतलाम के विरुद्ध अपराध धारा 106 (1), 281,125 (ए) बीएनएस का पाया जाने से प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान मे लिया गया।

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