सेक्स एज्युकेशन कोर्स से बेटी को पता चला कि पिता उसका रेप करते है
अदालत ने दुष्कर्मी पिता को सुनाई 10 साल की कठोरतम सजा

सउदी में एक शिप में नौकरी करने वाला एक पिता जब भी छुट्टियों में अपने घर आता था,तब अपनी दस साल की बेटी से दुष्कर्म करता रहा। इस मामले की शिकायत बच्ची की मां ने पुलिस थाने में दर्ज कराई तो वर्षो तक कोर्ट में मामला चलता रहा। कोर्ट में पीडि़ता ने बताया कि नौवीं कक्षा में उसने सेक्स एजुकेशन का कोर्स किया तो उसे पता चला कि उसके साथ इतने दिनों से इसके पिता इसके साथ घिनौना काम हो रहा था. इसके बाद से ही वह पिता का सामना करने से बचने लगी. लेकिन आरोपी पिता ने इसके बाद भी कई बार उसे अपनी वासना का शिकार बनाया. सजा सुनाई जाने से पहले आरोपित पिता और इसके वकीलों ने तमाम सफाई देने का प्रयास किया, मगर इनकी तमाम दलीले खारिज कर सजा सुनाई गई।
मामले की सुनवाई मुंबई पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जयश्री आर पुलाटे की कोर्ट में हुई. जहां उक्त सजा सुनाई है.बेटी से दुष्कर्म का यह मामला 2014 में सामने आया था. इसमें किशोरी की मां ने पुलिस में शिकायत दी थी. बताया था कि उसके पति सउदी में एक शिप में नौकरी करते हैं. वह दो महीने में एक बार घर आते थे. वर्ष 2014 में एक बार वह छुट्टी आए थे. उन दिनों उन्होंने देखा कि उनकी बेटी पिता के सामने आने से बचने का प्रयास कर रही है. उसे शक हुआ तो उसने पूछताछ की. इसमें पता चला कि जब उनकी बेटी महज दस साल की थी, तब से उसके साथ दुष्कर्म हो रहा है. उनकी बेटी ने बताया कि उसके पिता जब जब छुट्टी आते हैं तो उसके दुष्कर्म करते हैं. इसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ केस दर्ज कर मामले चार्जशीट अदालत में पेश किया था. कोर्ट ने बचाव पक्ष की सभी दलीलों को खारिज करते हुए आरोपी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
